मगरलोड फर्जी शिक्षाकर्मी घोटाला में चयन समिति छानबीन समिति सहित 94 शिक्षाकर्मियों का नाम है दर्ज 

-अब तक 19 शिक्षा कर्मियों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी है दर्जनों शिक्षाकर्मी अपना इस्तीफा दे चुके हैं

 – आरटीआई कार्यकर्ता कृष्ण कुमार साहू की शिकायत पर हो रही है  कार्यवाही

– एफआईआर के 10 वर्ष 9 माह बाद सीआईडी पुलिस रायपुर विवेचना के पश्चात जिला पुलिस प्रशासन कर रही है कार्यवाही

– फर्जी तरीके से राज्यपाल का हस्ताक्षर का फर्जी स्काउट गाइड खेल प्रमाण पत्र अनुभव प्रमाण पत्र डीएड प्रमाण पत्र एनसीसी प्रमाण पत्र के तहत हुए थे भर्ती
हायर सेकेंडरी तृतीय स्थान को प्रथम स्थान फर्जी तरीके से भर्ती

  मगरलोड । जनपद पंचायत मगरलोड में वर्ष 2007 शिक्षाकर्मी भर्ती वर्ग 3 का 150 शिक्षाकर्मी  भर्ती के विरुद्ध 172 पदों पर भर्ती की गई ।
फर्जी तरीके से सैकड़ों शिक्षा कर्मियों की भर्ती चयन समिति एवं छानबीन समिति द्वारा किया गया। सूचना का अधिकार के तहत शिक्षाकर्मी भर्ती से संबंधित दस्तावेज की मांग 2008 से लगातार की गई लेकिन विभाग जानकारी देने से बचता रहा।
जनपद पंचायत मगरलोड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने वर्ष 2008 में शिक्षाकर्मी वर्ग 3 भर्ती वर्ष 2007 में हुई गड़बड़ी से संबंधित दस्तावेज को देने से बचने के लिए उच्च न्यायालय बिलासपुर से स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया था। सूचना के अधिकार के तहत दस्तावेज प्रदान नहीं करने के कारण आवेदक को परेशान करने पारदर्शिता पूर्ण नहीं करने सूचना को छिपाना व कानून को विफल करना स्वप्रमाणित पाया गया।जिसके लिए मुख्य सूचना आयुक्त राज्य सूचना आयोग ने जन सूचना अधिकारी को पृथक पृथक आदेश दिनांक 8 जुलाई 2011 ,23 जुलाई 2011, 27 सितंबर 2011, 21 अक्टूबर 2011, 17 नवंबर 2011 में पारित आदेश में जन सूचना अधिकारी जनपद पंचायत मगरलोड को क्रमशः आर्थिक दंड 10,000 ,15,000,5000,5000,10000 शासित अधि रोपित कर जन सूचना अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने, आवेदक को निशुल्क जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही प्रकरण को गंभीरता से देखते हुए पारित आदेश की प्रति से मुख्य सचिव को अवगत कराने का आदेश पारित किया गया।

शिक्षाकर्मी भर्ती वर्ष 2007  में हुए फर्जी शिक्षाकर्मी की जानकारी सूचना के अधिकार के तहत जुलाई 2011 में दस्तावेज देने के बाद शिक्षाकर्मी भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत थाना प्रभारी मगरलोड पुलिस अधीक्षक जिला कलेक्टर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत धमतरी को जांच कर कार्रवाई करने हेतु प्रेषित की गई।

शिक्षा कर्मी वर्ग 3 की भर्ती हेतु तत्कालिक गठित छानबीन एवं चयन समिति एवं चयन समिति के सदस्य के के तिवारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मगरलोड, विकास खंड शिक्षा अधिकारी एन आर साहू, बुधराम निषाद पंचायत एवं समाज शिक्षा संगठक, एसके सोनी परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्याम साहू जनपद अध्यक्ष, कोमल यदु जनपद उपाध्यक्ष, नीलकंठ सिन्हा, शत्रुघ्न साहू ,नारायण ध्रुव, भरत लाल साहू एवं संतोषी साहू सदस्यगण रहे हैं ।
कृष्ण कुमार साहू ग्राम चंदना की शिकायत पर पुलिस विभाग के राजपत्रित अधिकारी द्वारा जांच उपरांत पुलिस थाना मगरलोड में प्रथम सूचना पत्र दर्ज कर विवेचना में लिया गया।
चयन समिति के सदस्यों व शिक्षा कर्मियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 124 दिनांक 27 सितंबर 2011 को धारा 420, 467 ,468 ,471 ,34 भारतीय दंड विधान के तहत प्रथम सूचना पत्र दर्ज कर विवेचना के दौरान एसटी एससी एक्ट अंतर्गत उपबंधित धाराए जोड़ी गई।

शिक्षा कर्मी वर्ग 3 स्वीकृत पद 150 के विरुद्ध कुल 172 पदों पर भर्ती की गई आदेश पृथक पृथक अनेकों बार जारी किया गया जिसमें अभ्यर्थी के निवास के पता को छुपाया गया।

चयन समिति के सदस्यों द्वारा अपने परिवार के अनेकों सदस्यों की शिक्षा कर्मी वर्ग 3 के पद पर नियुक्त किया गया।

अभी तक 19 शिक्षा कर्मियों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी है। दर्जनों शिक्षाकर्मी अपना इस्तीफा दे चुके हैं ।अपराध क्रमांक 117/11 एवं 123/11 में मगरलोड पुलिस ने 17 शिक्षाकर्मियों की गिरफ्तारी कर अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया है। जिस पर न्यायालय ने कठोर दंड से दंडित किया है।

लगभग 140 पदों पर कूट रचित योग्यता प्रमाण पत्र, अमान्य प्रमाण पत्र, एनसीसी स्काउट गाइड प्रमाण पत्र, खेल प्रमाण पत्र, अनुभव प्रमाण पत्र एवं डी एड प्रमाण पत्रों का उपयोग कर भर्ती की गई है।

बिना हायर सेकेंडरी पास किए 3 अभ्यर्थियों को प्रथम श्रेणी का अंक देकर भर्ती किया गया।

2 अभ्यर्थियों को राज्य राज्यपाल की फर्जी हस्ताक्षर से बने स्काउट गाइड प्रमाण पत्र में अंक देकर भर्ती किया गया।

16 अभ्यर्थियों को उनके हायर सेकेंडरी प्रमाण पत्र तृतीय श्रेणी प्राप्तांक को प्रथम श्रेणी का अंक देकर फर्जी तरीके से अंक तालिका तैयार कर भर्ती की गई।

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के 10 अभ्यर्थियों जिनका हायर सेकेंडरी प्राप्तांक 72% से 80% होना जानते हुए भी अंक तालिका में कम अंक दर्शा कर उन्हें भर्ती से वंचित किया गया।

अनुसूचित जनजाति के प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण चार अभ्यर्थी के प्राप्तांक प्रतिशत को भर्ती अंक तालिका में जानबूझकर तृतीय श्रेणी दर्शा कर भर्ती से वंचित किया गया।

10 अभ्यर्थियों के न्यूनतम प्राप्तांक को भर्ती अंक तालिका में अधिकतम प्राप्तांक दर्शा कर उन्हें भर्ती किया गया।

सामान्य श्रेणी के 6 शिक्षाकर्मियों को विकलांग ना होना जानते हुए भी उन्हें विकलांग वर्ग से नियुक्ति की गई।

9 अभ्यर्थियों को कूट रचित डीएड प्रमाण पत्र का 11 अंक देकर उन्हें नियुक्ति का लाभ दिया गया।

14 अभ्यर्थियों को उनके द्वारा खेल प्रमाण पत्र संलग्न नहीं किए जाने के पश्चात भी उन्हें खेल का 4.5 अंक प्रदान कर भर्ती की गई।

9 अभ्यर्थियों को उनके द्वारा आवेदन पत्र में एनसीसी प्रमाण पत्र संलग्न नहीं किए जाने के पश्चात भी एनसीसी का 2.5 अंक का लाभ देकर नियुक्ति की गई।

22 अभ्यर्थियों को नियुक्ति के समय उनके द्वारा प्रस्तुत अमान्य स्तर के अनुभव व खेल प्रमाण पत्र में अंक देकर तथा 19 अभ्यर्थियों को फर्जी बनावटी अनुभव प्रमाण पत्र में अंक देकर भर्ती किया गया।

अभी भी कूट रचित व अमान्य ,फर्जी या बिना दस्तावेज के लगभग 45 शिक्षाकर्मी पदोन्नत होकर संविलियन पश्चात सेवा में कार्यरत हैं।

अन्य जिले के अभ्यर्थियों को बनावटी मेडिकल प्रमाण पत्र के आधार पर नियम विरुद्ध उनके गृह जिला में स्थानांतरित कर दिया गया है।

7 दिसंबर 2011 को अपर सत्र न्यायाधीश धमतरी ने सीईओ के के तिवारी की अग्रिम जमानत आवेदन को निरस्त किया गया।

3 जनवरी 2012 को उच्च न्यायालय बिलासपुर ने सीईओ के के तिवारी की अग्रिम जमानत को निरस्त कर दिया गया।

25 सितंबर 2012 को उच्च न्यायालय बिलासपुर ने सीईओ के के तिवारी की अग्रिम जमानत को निरस्त कर दिया गया।

2 मार्च 2012 को प्रार्थी कृष्ण कुमार साहू ने उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका प्रस्तुत किया जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने आदेश दिनांक 27 जून 2012 में शीघ्र से शीघ्र आरोपी गणों के खिलाफ जांच पूरी कर सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिया है।

9 मई 2012 को पुलिस विभाग के अनुविभागीय अधिकारी सुरेश कुमार पौराणिक ने उच्च न्यायालय बिलासपुर में शपथ पत्र प्रस्तुत कर बताया कि कमला कांत तिवारी सीईओ अन्य सहभागी अभियुक्त गणों के साथ फरार है एवं उन्हें पकड़ने की पुरजोर प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रार्थी कृष्ण कुमार साहू ने पुनः उच्च न्यायालय बिलासपुर में अन्य रीट याचिका प्रस्तुत किया जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने 9 अक्टूबर 2012 में प्रकरण की वर्तमान स्टेटस प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

जिला प्रशासन एवं अन्य प्रतिनिधियों की मांग पर प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए 12 दिसंबर 2012 को संपूर्ण जाच डायरी अपराध अनुसंधान विभाग सीआईडी पुलिस मुख्यालय रायपुर को विवेचना व अग्रिम कार्यवाही हेतु भेजी गई।

जबकि मुख्य कार्यपालन अधिकारी के के तिवारी फरार बताए गए अवधि में विभागीय पदोन्नति का लाभ लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की सेवा में अब तक निरंतर कार्यरत हैं।

पूर्व पंचायत मंत्री के विरुद्ध डॉक्टर मंजीत कौर बल के शिकायत जांच मामले में के के तिवारी उपसंचालक ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान निमोरा रायपुर में पदस्थ होते हुए 7 जुलाई 2016 को पंचायत मंत्री का साक्षी बनकर आईजी पुलिस कार्यालय रायपुर में उपस्थित होकर कथन दिया कि 28 महिला /पुरुष प्रशिक्षु मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को लेकर 7 अप्रैल 2015 को शाम 4  बजे मंत्री की बंगला पहुंचा तथा शाम को मीटिंग समाप्त हो गई मैं शुरू से लेकर अंत तक वहीं था मंत्री जी द्वारा अपशब्द या अशोभनीय तथा लज्जा जनक बात व भद्दी भद्दी गालियां महिला अधिकारी को घूरने जैसी कोई बात नहीं की गई सीईओ के के तिवारी द्वारा पुलिस रिकॉर्ड में फरार रहते हुए भी जिम्मेदार पुलिस अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर उक्त कथन किया गया है।

शिक्षाकर्मी भर्ती घटना 2007 में एफ आई आर के 10 वर्ष 9 माह अर्थात 3920 दिन बाद सी आई डी पुलिस रायपुर ने विवेचना पश्चात संपूर्ण जाच डायरी अग्रिम कार्यवाही के लिए जिला पुलिस प्रशासन धमतरी को भेज दिया है।

वर्तमान समय में कमला कांत तिवारी परियोजना अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग में पदस्थ है ।

संपूर्ण जांच डायरी प्राप्त होते ही शिक्षाकर्मी भर्ती घोटाला के प्रमुख आरोपी छानबीन समिति के सचिव रहे कमला कांत तिवारी तत्कालिक मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मगरलोड को वर्तमान समय में परियोजना अधिकारी  जिला पंचायत दुर्ग के पद पर पदस्थ हैं। उसे पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुविभाग अधिकारी कुरूद के नेतृत्व में मगरलोड पुलिस, करेली बड़ी चौकी प्रभारी एवं थाना प्रभारी कुरूद ने जाल बिछाकर भिलाई स्थित उनके निवास से गिरफ्तार कर लिया गया है प्रथम सूचना पत्र क्रमांक 124/2011 में चयन समिति छानबीन समिति सहित 94 शिक्षाकर्मियों का नाम दर्ज है।

शिक्षाकर्मी भर्ती घोटाला 2007 का मामला शीघ्र ही सभी फर्जी शिक्षाकर्मियों का नाम अखबारों में प्रेषित की जाएगी।