• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
ताज़ा समाचार और भी
सड़कों पर उतरे 4 लाख प्रदर्शनकारी, कई शहरों में पुलिस ने बरसाईं लाठियां, दागे आंसू गैस के गोले
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 25 अक्टूबर 2026,  09:50 PM IST
  • 107
सड़कों पर उतरे 4 लाख प्रदर्शनकारी, कई शहरों में पुलिस ने बरसाईं लाठियां, दागे आंसू गैस के गोले फ्रांस में महंगाई और आर्थिक असमानता के खिलाफ 4.1 लाख से अधिक लोगों ने प्रदर्शन किया। पेरिस समेत कई शहरों में पुलिस से झड़प, 135 गिरफ्तार।

महंगाई, आर्थिक असमानता और सार्वजनिक सेवाओं में गिरावट के खिलाफ फ्रांस में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। पेरिस समेत कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। सुरक्षा के लिए देशभर में 70 हजार पुलिसकर्मियों और जेंडरमेरी के जवानों को तैनात किया गया।

फ्रांस में शनिवार को सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, देशभर में करीब 4.1 लाख लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया, जबकि ट्रेड यूनियनों ने यह संख्या लगभग 8 लाख बताई। प्रदर्शनकारियों ने बढ़ती महंगाई, आर्थिक असमानता और सार्वजनिक सेवाओं की खराब होती स्थिति के खिलाफ आवाज उठाई।

 

प्रदर्शन के दौरान पेरिस समेत कई शहरों में तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ, जब प्रशासन पिछले सप्ताह हुई हिंसा और तोड़फोड़ जैसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए बड़े स्तर पर सुरक्षा इंतजाम कर रहा था।

पेरिस में प्रदर्शन के बाद पुलिस से भिड़े लोग
राजधानी पेरिस में पुलिस के अनुमान के मुताबिक, करीब 1.1 लाख लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। शुरुआत में मार्च काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा, लेकिन प्रदर्शन के आखिरी चरण में कुछ समूहों और पुलिस के बीच झड़पें शुरू हो गईं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

ल्योन, मार्सिले, बोर्डो, लिली और नांत समेत कई अन्य शहरों में भी तनाव की खबरें सामने आईं। मार्सिले में कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर धातु की चादरें रखकर रास्ता रोक दिया। कुछ जगहों पर कूड़ेदानों में आग लगाई गई और दंगा नियंत्रण पुलिस पर पत्थर तथा बोतलें फेंके जाने की खबरें आईं।

देशभर में 70 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात
पिछले सप्ताह हुई हिंसा, लूटपाट और तोड़फोड़ के मद्देनजर फ्रांस में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। अधिकारियों ने देशभर में करीब 70 हजार पुलिस अधिकारियों और जेंडरमेरी के जवानों को तैनात किया। यह संख्या पिछले सप्ताहांत की तुलना में 10 हजार अधिक थी।

फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज के मुताबिक, शनिवार दोपहर तक देशभर में 135 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस की तलाशी के दौरान पटाखे, धातु की गेंदें और ऐसी अन्य वस्तुएं भी मिलीं, जिनका इस्तेमाल हथियार के रूप में किया जा सकता था।

पेरिस में संग्रहालय बंद, कई मेट्रो स्टेशन भी प्रभावित
प्रदर्शन को देखते हुए पेरिस में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों के सामने सुरक्षा के लिए लकड़ी के तख्ते लगा दिए। लौवर और म्यूजियम द'ओर्से जैसे प्रमुख संग्रहालय बंद रखे गए। एहतियात के तौर पर 20 से अधिक मेट्रो स्टेशन भी बंद किए गए।

प्रशासन ने पेरिस में प्रदर्शन का निर्धारित स्थान भी आखिरी समय पर बदल दिया। मार्च पहले शहर के केंद्र में स्थित बास्तील से निकलना था, लेकिन इसे राजधानी के दक्षिण-पूर्वी किनारे पर स्थित पोर्त द'इटली स्थानांतरित कर दिया गया। ट्रेड यूनियनों ने इस फैसले की आलोचना की। एक यूनियन प्रतिनिधि ने इसे 'शर्मनाक' बताते हुए आरोप लगाया कि अधिकारियों का कदम प्रदर्शन करने के अधिकार को सीमित करता है।

 

फ्रांस में इन प्रदर्शनों ने महंगाई, आर्थिक असमानता और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर लोगों की नाराजगी को सामने ला दिया है। वहीं, हिंसा और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव भी बढ़ा है।


Add Comment


Add Comment






ताज़ा समाचार और भी
Get Newspresso, our morning newsletter