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GeM खरीदी में गड़बड़ी के आरोप: कांग्रेस ने मुख्य सचिव को भेजी शिकायत, 5 साल के ऑडिट की मांग
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 27 अक्टूबर 2026,  07:59 PM IST
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GeM खरीदी में गड़बड़ी के आरोप: कांग्रेस ने मुख्य सचिव को भेजी शिकायत, 5 साल के ऑडिट की मांग

भोपाल। मध्यप्रदेश में सरकारी खरीदी के लिए इस्तेमाल होने वाले सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल पर कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने मुख्य सचिव को शिकायत भेजकर प्रदेश के सभी शासकीय विभागों में GeM के माध्यम से पिछले पांच वर्षों में हुई खरीदी की जांच कराने की मांग की है।

उन्होंने पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने या विशेष जांच दल बनाने का सुझाव दिया है। त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि सरकारी खरीदी में संभावित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सरकारी धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

सभी विभागों की पांच साल की खरीदी का विशेष ऑडिट कराने की मांग

विवेक त्रिपाठी ने अपनी शिकायत में मांग की है कि पिछले पांच वर्षों के दौरान GeM पोर्टल से की गई खरीदी का विशेष ऑडिट कराया जाए। इसके लिए पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच समिति गठित करने का सुझाव दिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच का दायरा सभी शासकीय विभागों तक होना चाहिए, ताकि खरीदी की प्रक्रिया और भुगतान से जुड़े मामलों की व्यापक समीक्षा हो सके।

त्रिपाठी ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि सरकार वित्तीय दबाव का सामना कर रही है और कर्ज लेकर खर्च चलाने की स्थिति में है। ऐसे में सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंकाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि GeM पोर्टल का उद्देश्य सरकारी खरीदी में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना है। इसलिए अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति जनता के सामने लाई जानी चाहिए।

vivek tirpathi
विवेक त्रिपाठी

बाजार मूल्य से खरीदी गई सामग्री की दरों का हो मिलान

कांग्रेस प्रवक्ता ने मांग की है कि जांच के दौरान GeM पोर्टल से खरीदी गई सामग्री और सेवाओं की दरों का बाजार मूल्य से मिलान किया जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि कहीं एक ही तरह की खरीदी को छोटे-छोटे आदेशों में बांटकर निर्धारित वित्तीय सीमा या सक्षम अधिकारी की स्वीकृति से बचने की कोशिश तो नहीं की गई।

उन्होंने बार-बार एक ही विक्रेता को खरीद आदेश देने, तकनीकी शर्तों में किसी विशेष फर्म को लाभ पहुंचाने के लिए बदलाव करने और प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करने जैसी संभावित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की है।

त्रिपाठी के अनुसार, जांच में खरीदी गई सामग्री की वास्तविक आपूर्ति, उसकी गुणवत्ता और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों का भी सत्यापन होना चाहिए। यदि किसी मामले में अनियमितता प्रमाणित होती है, तो संबंधित राशि की वसूली और दोषी अधिकारियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

अधिकारियों और विक्रेताओं के बीच हितों के टकराव की जांच की मांग

विवेक त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा अपने परिजनों या करीबी लोगों से जुड़ी फर्मों को लाभ पहुंचाए जाने की आशंका है। उन्होंने संबंधित विभागों के क्रय अधिकारियों, स्वीकृति देने वाले अधिकारियों, भंडार प्रभारियों और भुगतान से जुड़े कर्मचारियों के संभावित हितों के टकराव की जांच कराने की मांग की है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में अलग-अलग विभागों की खरीदी के दौरान अधिकारियों के बीच परस्पर लाभ पहुंचाने की आशंका है। उनका कहना है कि इन आरोपों की स्वतंत्र जांच कर तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

हालांकि, ये आरोप कांग्रेस प्रवक्ता की शिकायत का हिस्सा हैं। इनकी पुष्टि के लिए स्वतंत्र जांच और संबंधित अभिलेखों का परीक्षण आवश्यक होगा।

रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और समय-सीमा में जांच पूरी करने की मांग

कांग्रेस प्रवक्ता ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक GeM से जुड़े सभी डिजिटल और भौतिक अभिलेख सुरक्षित रखे जाएं, ताकि जांच के दौरान जरूरी दस्तावेज उपलब्ध रहें। उन्होंने भविष्य में सरकारी खरीदी की निगरानी मजबूत करने और जवाबदेही तय करने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने का भी सुझाव दिया है।

त्रिपाठी ने सरकार से तत्काल जांच शुरू करने, कार्रवाई के लिए समय-सीमा निर्धारित करने और जांच के निष्कर्षों से शिकायतकर्ता को लिखित रूप में अवगत कराने की मांग की है। अब इस मामले में सरकार की ओर से किसी जांच या कार्रवाई की घोषणा होती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।


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