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कर्तव्य पथ पर भारत की ताकत: वंदे मातरम् की गूंज, झांकियों और सैन्य शक्ति का प्रदर्शन; ऑपरेशन सिंदूर की गर्जना
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 26 जनवरी 2026,  02:05 PM IST
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भारत ने 77वां गणतंत्र दिवस पूरे गौरव के साथ मनाया। कर्तव्य पथ पर भव्य परेड, राफेल-सुखोई फ्लाईपास्ट, 30 झांकियां, ऑपरेशन सिंदूर का प्रदर्शन और ‘वंदे मातरम्’ थीम रही आकर्षण का केंद्र।

भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस बड़े उत्साह और गर्व के साथ मना रहा है। कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन हुआ, जिसमें देश की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भरता का शानदार प्रदर्शन किया गया।

 

इस वर्ष की मुख्य थीम 'वंदे मातरम्' पर आधारित थी, जो भारत के राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ को समर्पित है। परेड की थीम 'स्वतंत्रता का मंत्र - वंदे मातरम्, समृद्धि का मंत्र - आत्मनिर्भर भारत' रही।समारोह की शुरुआत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र ध्वज फहराया।

इस अवसर पर राष्ट्रगान गाया गया और 21 तोपों की सलामी दी गई। इसके बाद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।

अट्रेक्शन

परेड में 29 एयरक्राफ्ट्स ने हिस्सा लिया, जिसमें सुखोई, राफेल सहित विभिन्न विमान शामिल थे। पैराट्रूपर्स ने आकाश से उतरकर शानदार प्रदर्शन किया। सूर्यास्त्र और MI-17 हेलिकॉप्टर्स ने फूलों की वर्षा की। विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल हुई इंटीग्रेटेड कमांड का भी प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ, जो देश की सैन्य क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक रहा।

इस बार परेड में 30 झांकियां निकाली गईं। इनमें राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों तथा विभिन्न मंत्रालयों की ओर से झांकियां अट्रेक्शन का केंद्र रहीं, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता, विकास यात्रा और रक्षा आत्मनिर्भरता को दर्शाती रहीं।

परेड के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन थे, जिनकी मौजूदगी भारत-यूरोपीय संघ के मजबूत रणनीतिक संबंधों को रेखांकित करती है।

यह भव्य समारोह लगभग 90 मिनट तक चला और 'भारत माता की जय' के उद्घोष के साथ समाप्त हुआ। गणतंत्र दिवस के इस अवसर पर पूरा देश एकजुट होकर गर्व महसूस कर रहा है।

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