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भागीरथपुरा मामले पर हाई कोर्ट में सुनवाई: जांच आयोग ने पेश की प्रारंभिक रिपोर्ट, निगम ने नहीं दिए रिकॉर्ड
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 5 मार्च 2026,  09:36 PM IST
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इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई। जांच आयोग ने प्रारंभिक रिपोर्ट पेश की, निगम को 10 दिन में रिकॉर्ड देने के आदेश।

मध्यप्रदेश। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी कांड को लेकर गुरुवार को सुनवाई हुई। अदालत में जांच आयोग ने प्रारंभिक रिपोर्ट पेश की। विस्तृत रिपोर्ट के लिए अदालत ने जांच आयोग को एक महीने का समय दिया है। इस तरह अब मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी। यह जानकारी भी सामने आई है कि, आयोग द्वारा निगम से कुछ रिकॉर्ड मांगे गए थे जिन्हें निगम ने उपलब्ध नहीं करवाए। अब अदालत ने निगम को 10 दिन के अंदर रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने के आदेश दिए हैं।

हाई कोर्ट ने जांच आयोग को एक कर्मचारी नियुक्त करने के आदेश दिए हैं। मामले पर बहस के लिए 6 अप्रैल का दिन तय हुआ है। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नगर निगम और शासन की रिपोर्ट को आई वाश करार दिया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए अदालत ने स्वतंत्र जांच आयोग के गठन का आदेश भी दिया था।

इंदौर के भागीरथपुरा मामले में जांच के लिए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने एक पूर्व हाई कोर्ट जज की अध्यक्षता में एक कमीशन बनाया था। कोर्ट ने कहा था कि इस मामले की जांच एक स्वतंत्र, भरोसेमंद अथॉरिटी से होनी चाहिए। कोर्ट ने पैनल को कार्रवाई शुरू होने की तारीख से चार हफ्ते बाद एक अंतरिम रिपोर्ट देने का भी निर्देश दिया था।

जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच ने 27 जनवरी, 2026 को कमीशन बनाया था। यह कमीशन भागीरथपुरा में खराब पानी पीने से कई लोगों की मौत के मामले में एक साथ दायर कई पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (PIL) पर सुनवाई कर रहा था। हाई कोर्ट ने दिन में सभी पक्षों को सुनने के बाद ऑर्डर सुरक्षित रख लिया और देर रात इसे जारी किया। राज्य सरकार ने 27 जनवरी, 2026 को हाई कोर्ट को बताया था कि, इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में 16 लोगों की मौत शायद खराब पीने के पानी से हुई उल्टी और दस्त की एक महीने से फैली बीमारी से जुड़ी थी।

32 मृत लोगों की लिस्ट परिशिष्ट में
बता दें कि, बजट सत्र के दौरान सदन में कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा था कि, यह नैतिकता से जुड़ा मामला है। जब भी पुरस्कार की बात आती है तो नित्य सामने आ जाते हैं लेकिन जब जिम्मेदारी तय करने की बात आती है तो अधिकारियों को आगे कर दिया जाता है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से पूछा कि, भागीरथपुरा में कितनी मौत हुई तो जवाब के पहले पेज पर 20 का आंकड़ा लिखा लेकिन परिशिष्ट में 32 मृत लोगों के नाम हैं। इस तरह पहले पेज पर 20 लोगों की मौत का आंकड़ा देना गलत है और इस पर चर्चा होनी चाहिए कि, सही आंकड़ा क्यों नहीं दिया जा रहा।

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