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एन.डी.पी.एस. एक्ट विवेचना को सुदृढ़ बनाने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 23 मार्च 2026,  08:38 PM IST
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एन.डी.पी.एस. एक्ट विवेचना को सुदृढ़ बनाने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

एन.डी.पी.एस. एक्ट प्रकरणों की गुणवत्तापूर्ण विवेचना हेतु विशेष प्रशिक्षण आयोजित*

▪️ *एएसआई से लेकर निरीक्षक स्तर तक 65 विवेचकों ने प्रशिक्षण में सहभागिता की*

▪️ *जप्ती, सैंपलिंग, एफ.एस.एल. परीक्षण एवं चेन ऑफ कस्टडी पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया*

▪️ *न्यायालयीन दृष्टिकोण से साक्ष्य संकलन एवं दस्तावेजीकरण की बारीकियों पर विशेष जोर*

संक्षिप्त विवरण :

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल दुर्ग द्वारा एन.डी.पी.एस. एक्ट के प्रकरणों में गुणवत्तापूर्ण एवं विधिसम्मत विवेचना सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक विवेचक द्वारा जप्ती, सैंपलिंग, चेन ऑफ कस्टडी एवं विधिक प्रावधानों का पूर्णतः पालन किया जाए तथा प्रशिक्षण के माध्यम से विवेचना की गुणवत्ता को लगातार सुदृढ़ किया जाए। साथ ही न्यायालयीन अपेक्षाओं के अनुरूप साक्ष्य संकलन कर प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उपरोक्त निर्देशों के परिपालन में दिनांक 22.03.2026 को पुरानी पुलिस लाईन, दुर्ग स्थित दधीचि प्रशिक्षण हाल में एन.डी.पी.एस. एक्ट के अंतर्गत दर्ज प्रकरणों की विवेचना को अधिक प्रभावी, विधिसम्मत एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में एएसआई से लेकर निरीक्षक स्तर तक कुल 65 विवेचकों को आमंत्रित कर उन्हें एन.डी.पी.एस. एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप विवेचना की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रकरणों की विवेचना में प्रारंभिक कार्रवाई से लेकर अंतिम चालान प्रस्तुत करने तक की संपूर्ण प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझाया गया।

प्रशिक्षण में एजीपी प्रकाश शर्मा द्वारा एन.डी.पी.एस. एक्ट के प्रकरणों में केस-स्टडी के माध्यम से विवेचना की गुणवत्ता सुधारने, विधिसम्मत कार्यवाही सुनिश्चित करने एवं जांच के प्रत्येक चरण में सावधानी बरतने के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

वरिष्ठ अधिवक्ता विजय कसार द्वारा एन.डी.पी.एस. एक्ट प्रकरणों में सूक्ष्म साक्ष्यों के महत्व, दस्तावेजी साक्ष्य की शुद्धता तथा न्यायालय में साक्ष्य की स्वीकार्यता सुनिश्चित करने हेतु विवेचना के दौरान स्पष्ट एवं संपूर्ण विवरण लेखबद्ध करने पर जोर दिया गया।

वरिष्ठ अधिवक्ता के.के. द्विवेदी द्वारा विवेचकों को एन.डी.पी.एस. एक्ट के मामलों में न्यायालयीन अपेक्षाओं के अनुरूप विवेचना करने, तकनीकी त्रुटियों से बचने एवं प्रकरणों को मजबूत बनाने हेतु आवश्यक कानूनी बिंदुओं की जानकारी दी गई।

वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी एफ.एस.एल. भिलाई श्री पंकज ताम्रकार द्वारा नशीली टेबलेट एवं कैप्सूल से संबंधित प्रकरणों में सैंपलिंग प्रक्रिया, घटनास्थल पर त्रुटिरहित दस्तावेज तैयार करने, ओवरराइटिंग से बचने तथा जप्तशुदा मादक पदार्थ को शीघ्र एफ.एस.एल. परीक्षण हेतु भेजने के संबंध में तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्री मणिशंकर चन्द्रा द्वारा नशीली टेबलेट/कैप्सूल प्रकरणों में विवेचना की संपूर्ण प्रक्रिया, जप्त माल की सुरक्षित अभिरक्षा, चेन ऑफ कस्टडी के संधारण, धारा 50, 55 एवं 57 एन.डी.पी.एस. एक्ट के प्रावधानों के पालन तथा धारा 29 के अंतर्गत सह-अभियुक्तों के विरुद्ध कार्यवाही के संबंध में विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन दिया गया।

उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस कार्यालय एवं लाईन स्टाफ के समन्वय से प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।

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