• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
ताज़ा समाचार और भी
जैन श्री संघ उतई ने भगवान महावीर जन्म महोत्सव अत्यंत ही भव्य रूप से मनाया
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 31 मार्च 2026,  08:27 PM IST
  • 229
जैन श्री संघ उतई ने भगवान महावीर जन्म महोत्सव अत्यंत ही भव्य रूप से मनाया

प्रभात फेरी ,महामंत्र नवकार जाप,जुलूस , जूस वितरण व जीव दया के साथ सम्पन्न हुआ

उतई  भगवान महावीर जन्मोत्सव पर उतई नगर का माहौल जैन श्री संघ उतई के विभिन्न आयोजनों से आज महावीरमय हो गया ।संघ की महिला पुरुष बच्चों ने पूरे जोश के साथ अपनी संपूर्ण भागीदारी प्रदान करते हुवे जहां प्रातः प्रभात फेरी में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई वही समस्त परिवारों ने मिलकर सामूहिक रूप से महामंत्र नवकार का जाप किया ।जाप उपरांत सभी ने भगवान महावीर के भक्ति गीतों ओर भजनों के साथ नगर में जुलूस निकाला जो कॉलेज कालोनी से प्रारंभ होकर मुख्य बाजार मार्ग से बाजार चौक होते पाटन पुल सद्भावना चौक होते हुवे दुर्ग पाटन मुख्य मार्ग के थाना चौक होते पुनः प्रारंभ स्थल पर समाप्त हुआ।जुलूस के दौरान समाज के द्वारा विभिन्न स्थानों पर आइस्क्रीम ठंडा की व्यवस्था की गई थी।

आयोजन में नन्हे-मुन्ने बच्चों की जोशीली उपस्थिति धर्म के प्रति उनकी आस्था का जीवंत उदाहरण थी। बहु मंडल महिला मंडल ने भगवान महावीर के जन्म कल्याणक पर भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी ।आयोजन में बड़े-बुजुर्गों की उपस्थिति उन्हें स्नेह और आशीर्वाद प्रदान कर रही थी। — इन सभी ने कार्यक्रम को एक अलग ही ऊँचाई प्रदान की। मातृशक्ति (महिलाओं) एवं संघ के ऊर्जावान युवा साथियों के अथक सहयोग से आयोजन की इस सफलता की सबसे बड़ी ताकत रही। सभी के समर्पण और मेहनत ने इस आयोजन को वास्तव में यादगार बना दिया।

संघ द्वारा नगर के मुख्य बाजार चौराहा पर शर्बत वितरण किया गया जिसका मार्ग से आते जाते हजारों की संख्या में लोगों ने ग्रहण कर समाज के इस आयोजन को गरिमा प्रदान की। रात्रि में संघ के सदस्यों ने जीव दया का आयोजन किया जिसमें बच्चे युवा महिलाओं तथा संघ के सभी सदस्यों ने मिलकर नगर भ्रमण करते चौक चौराहों बाजार के भीतर बैठी गौ माता को रोटी खिलाई।

इसके साथ ही सभी के सहयोग एवं सहभागिता के प्रति जैन श्री संघ उतई ने हृदय से कृतज्ञता व्यक्त की ।

युवाओं ने मिलकर समाज सेवा एवं धर्म कार्यों में आगे बढ़ाते रहने का संकल्प लिया।

RO. NO 13404/ 42

RO. NO 13404/ 42

Add Comment


Add Comment

RO. NO 13404/ 42
74809102025230106banner_1.jpg
RO. NO 13404/ 42
98404082025022451whatsappimage2025-08-04at07.53.55_42b36cfa.jpg
RO. NO 13404/ 42
74809102025230106banner_1.jpg
RO. NO 13404/ 42
98404082025022451whatsappimage2025-08-04at07.53.55_42b36cfa.jpg





ताज़ा समाचार और भी
Get Newspresso, our morning newsletter