इंदौर। DCP द्वारा लसूड़िया में 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। यह एक्शन इलाके में एक कारोबारी द्वारा लगाए गए आरोप के बाद लिया गया है। वारंट तामील के नाम पर पुलिसकर्मी उसके घर में घुसे, कैमरे बंद किए और तलाशी के दौरान 22 तोला सोना गायब हो गया। इतना ही नहीं, कारोबारी ने मारपीट और जबरन वसूली तक के आरोप लगाए हैं। मामले की शिकायत रिकॉर्डिंग के साथ वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद अब 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है लेकिन पूरे घटनाक्रम ने पुलिस कार्यप्रणाली पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल FIR दर्ज न किए जाने को लेकर उठ रहा।
पुलिसकर्मियों द्वारा कारोबारी गौरव जैन के घर में घुसने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी वायरल है। इस पूरे विवाद की जड़ रिटायर्ड एसीपी से जुड़ा प्रॉपर्टी विवाद है। इसी मामले में पुलिस टीम वारंट तामील करने पहुंची थी। इधर कारोबारी का कहना है कि, उसे बीते एक साल से परेशान किया जा रहा है। उनका कहना है कि, पुलिस द्वारा उन्हें धमकियां भी दी गई लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने उनकी बात नहीं सुनी।
तलाशी के बहाने 22.50 तोला सोना गायब
कारोबारी के अनुसार, पुलिस वारंट तामिली के नाम पर घर में चोरों की तरह घुसी। इसके लिए मास्टर की का उपयोग किया गया। यहां तक की घर के कैमरे भी बंद कर दिए गए। तलाशी के बहाने 22.50 तोला सोना, मोबाइल, घड़ी चोरी की गई। मामले सामने आया तो एसआई समेत 5 पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया।
इन पुलिस वालों पर लगे आरोप
संजय बिश्नोई (SI)
रणवीर कुशवाहा
प्रणीत भदौरिया
दिनेश गुर्जर
दीपेंद्र मिश्रा
कारोबारी को अपने साथ ले गई थी पुलिस
घटना 1 अप्रैल की है। कारोबारी गौरव जैन का कहना है कि, पुलिसवाले जबरदस्ती घर में घुसे और उसे अपने साथ ले गए। इस दौरान उनके घर से 22 तोला सोना गायब हो गया। 3 अप्रैल को गौरव को एक निजी गेस्ट हॉउस ले जाया गया। आरोप है कि, रिटायर्ड एसीपी के लोगों ने यहां गौरव के साथ मारपीट की। बाद में जब उसे कोर्ट से जमानत मिली तो वो घर लौट आया।
कारोबारी गौरव जैन का यह भी आरोप है कि, राकेश शर्मा नाम के पुलिसवाले ने उनसे 27 हजार रुपए लिए। उसने बताया कि, 10 हजार रुपए लसूड़िया थाने के सामने होटल में QR कोड पर किए और 17 हजार रुपए तुषार नाम के व्यक्ति के खाते में किए गए। तुषार, राकेश शर्मा का बेटा बताया जा रहा है।
गौरव जैन ने CP संतोष सिंह और DCP कुमार प्रतीक से पूरे मामले की शिकायत की। जैन ने मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी सौंपी। एसीपी पराग जैन ने मामले की जांच की जिसके बाद पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक्शन लिया गया। हालांकि एफआईआर दर्ज न होने पर कारोबारी ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि, FIR दर्ज नहीं की गई तो मामला सीएम तक जाएगा।
एसआई बोले - शिकायत की दी थी धमकी
एसआई संजय बिश्नोई का कहना है कि, कार्रवाई पूरी तरह विधिपूर्वक थी। आरोप लगाने वाला व्यक्ति प्रमुख साजिशकर्ता है। उसने थाने में शिकायत करने की धमकी दी थी।
कारोबारी और रिटायर्ड एसीपी के बीच ये था विवाद
गौरव और रिटायर्ड एसीपी के बीच सालों पुराना है। 2020 में एसीपी राकेश गुप्ता की मुलाकात गौरव से हुई थी। 2023 में होटल बनवाने के लिए एसीपी राकेश गुप्ता ने गौरव को 20 लाख रुपए उधार दिए। गौरव के मुताबिक उसने पैसे वापस कर दिए थे। इसके बाद उसके साथी आरिफ और केपी कुमावत के साथ 65 लाख रुपए का लेनदेन हुआ। इसी के बाद विवाद शुरू हुआ। आरोप- है कि, जानबूझकर चेक बाउंस करवाए गए और FIR करवाई गई।
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