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इंदौर नगर निगम: 92 करोड़ रुपये के कथित फर्जी बिल घोटाले में ED की कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 4 जून 2026,  06:46 PM IST
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इंदौर नगर निगम के 92 करोड़ रुपये के कथित फर्जी बिल घोटाले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व सहायक यंत्री समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में वित्तीय अनियमितताओं, फर्जी दस्तावेजों और भुगतान प्रक्रिया की जांच जारी है।

इंदौर: इंदौर नगर निगम से जुड़े 92 करोड़ रुपये के कथित फर्जी बिल घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में नगर निगम के पूर्व सहायक यंत्री (AE) अभय सिंह राठौर, ठेकेदार मोहम्मद जाकिर और राहुल वडेरा शामिल हैं। तीनों आरोपियों को विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पूछताछ के लिए तीन दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है। ईडी मामले में वित्तीय लेनदेन, फर्जी दस्तावेजों और कथित घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

92 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं की जांच
जांच एजेंसी के अनुसार अब तक की पड़ताल में करीब 92 करोड़ रुपये के कथित फर्जी बिलों और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेज सामने आए हैं। मामले में नगर निगम की ड्रेनेज परियोजनाओं से संबंधित भुगतान और फाइलों की जांच की जा रही है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज और बिल तैयार कर करोड़ों रुपये के भुगतान की प्रक्रिया बनाई गई। जांच के दौरान कई रिकॉर्ड और दस्तावेज संदिग्ध पाए गए हैं।

महापौर बोले- निगम ने पहले ही शुरू कर दी थी कार्रवाई
ईडी की कार्रवाई के बाद इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि नगर निगम प्रशासन ने इस मामले का पता लगने के बाद शुरुआती स्तर पर जांच और कार्रवाई शुरू कर दी थी। उन्होंने कहा कि ड्रेनेज कार्यों से संबंधित कथित फर्जी फाइलों और बिलों के जरिए नगर निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी। मामला सामने आने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई और जांच एजेंसियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई।

जांच में सामने आ सकते हैं और नाम
महापौर ने बताया कि इस मामले में पहले भी पुलिस द्वारा कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब ईडी की जांच के दौरान पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। उन्होंने कहा कि नगर निगम को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी उठाई थी विस्तृत जांच की मांग
पुष्यमित्र भार्गव के अनुसार, उन्होंने इस मामले में पहले ही राज्य सरकार से विस्तृत जांच की मांग की थी, जिसके बाद जांच के लिए समिति का गठन किया गया था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस कथित घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

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