केंद्र सरकार ने हाल ही में विदेशी निवेशकों के लिए सरकारी बॉन्ड पर लगने वाले कैपिटल गेन्स टैक्स और ब्याज आय पर कर को खत्म करने का फैसला किया है। इस कदम का उद्देश्य भारतीय सरकारी बॉन्ड बाजार में विदेशी निवेश को बढ़ावा देना है।
इसके बाद Government Securities (G-Sec) एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। लेकिन आखिर Government Securities क्या होती हैं और सरकार इनके जरिए पैसा कैसे जुटाती है? आइए आसान भाषा में समझते हैं…
सरकारी सिक्योरिटीज डेब्ट इंस्ट्रूमेंट हैं जिसका इस्तेमाल सरकार द्वारा अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए जनता से पैसे उधार लेने के लिए किया जाता है। सरकारी सिक्योरिटीज (जिसे G-सेक भी कहा जाता है) रिस्क-मुक्त निवेश हैं क्योंकि वे भारत सरकार द्वारा समर्थित हैं। ये फिक्स्ड-इनकम मार्केट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और सरकारी सिक्योरिटीज मार्केट पर आसानी से ट्रेड किए जा सकते हैं।
सरकार G-सेक के माध्यम से पैसे जुटाकर, अपने खर्चों को पूरा करने, किसी भी बजट की कमी को फाइनेंस करने और देश के लिए बुनियादी ढांचे और समग्र विकास परियोजनाओं में निवेश करने की कोशिश करती हैं।
आप सरकारी सिक्योरिटीज को कॉर्पोरेट बॉन्ड के उदाहरण के माध्यम से समझ सकते है। बड़े संगठन विभिन्न बिजनेस ऑपरेशन को फाइनेंस करने या नए प्रोडक्ट जोड़ने या नए उपकरण खरीदने के लिए बॉन्ड जारी करते हैं। सरकार भी इसी प्रकार अपने खर्चों को पूरा करने के लिए इसे जारी करती हैं और जनता पर टैक्स बढ़ाने या अन्य परियोजनाओं पर खर्च को कम करने की आवश्यकता नहीं है।
ज्वाला प्रसाद अग्रवाल, कार्यालय शाप न. 2 संतोषी मंदिर परिसर,गया नगर दुर्ग , छत्तीसगढ़, पिनकोड - 491001
+91 99935 90905
amulybharat.in@gmail.com
बैंक का नाम : IDBI BANK
खाता नं. : 525104000006026
IFS CODE: IBKL0000525
Address : Dani building, Polsaipara, station road, Durg, C.G. - 49001
Copyright © Amuly Bharat News ©2023-24. All rights reserved | Designed by Global Infotech
Add Comment