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वकील होने का दावा, दस्तावेज नहीं दिखाने पर विवाद बेदखली कार्रवाई के दौरान गरमाया मामला, सिटी कोतवाली पहुंचा विवाद; एसपी से शिकायत
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 24 सितम्बर 2026,  05:17 PM IST
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वकील होने का दावा, दस्तावेज नहीं दिखाने पर विवाद बेदखली कार्रवाई के दौरान गरमाया मामला, सिटी कोतवाली पहुंचा विवाद; एसपी से शिकायत

दुर्ग। गया नगर क्षेत्र में गुरुवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब एक वित्तीय संस्था से जुड़े लोगों द्वारा न्यायालय के बेदखली वारंट के आधार पर एक महिला के मकान को खाली कराने पहुंचने की कार्रवाई के दौरान संबंधित व्यक्ति के अधिवक्ता होने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मामले में अधिवक्ता पंजीयन और बैंक/फाइनेंस कंपनी की ओर से अधिकृत किए जाने से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है।Image after paragraph
प्राप्त शिकायत के अनुसार, 24 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे इंडिया शेल्टर फाइनेंस कॉर्पोरेशन, भिलाई शाखा-पचपेड़ीनाका, रायपुर से जुड़े लोगों द्वारा गया नगर, दुर्ग निवासी श्रीमती खोरबाहरीन बाई पति प्यारेदास मानिकपुरी के निवास पर बेदखली की कार्रवाई के लिए पहुंचा गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि मौके पर एक महिला सहित अन्य लोग तथा पुलिसकर्मी मौजूद थे। उनके पास नायब तहसीलदार के नाम से जारी बेदखली वारंट और प्रकरण क्रमांक MJC CRI/1682/2026 का उल्लेख किया गया।
इसी दौरान आसपास के लोगों और मीडिया कर्मियों की मौजूदगी में संबंधित व्यक्ति से उसके अधिवक्ता होने का पंजीयन तथा फाइनेंस कंपनी की ओर से अधिकृत किए जाने संबंधी दस्तावेज मांगे गए। शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि मौके पर उक्त दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में मामला सिटी कोतवाली तक पहुंचा, जहां पूछताछ किए जाने की बात सामने आई है।
जिला अधिवक्ता संघ में भी दस्तावेज दिखाने की मांग
मामले को लेकर संबंधित व्यक्ति को जिला अधिवक्ता संघ के कार्यालय भी ले जाया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, संघ द्वारा अधिवक्ता पंजीयन से संबंधित प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक संबंधित व्यक्ति द्वारा किसी न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में पंजीयन का दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया है।Image after paragraph
शिकायतकर्ता पक्ष ने आरोप लगाया है कि यदि कोई व्यक्ति बिना वैध अधिवक्ता पंजीयन के स्वयं को अधिवक्ता बताकर न्यायालय अथवा अन्य स्थानों पर कानूनी कार्यवाही करता है, तो इसकी जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
दूसरे पक्ष का दावा—बिहार से की है वकालत
विवादित व्यक्ति की ओर से यह बताया जा रहा है कि उसने बिहार से वकालत की है। साथ ही उसके बारे में बताया गया कि वह मूल रूप से मोहदा, उत्तर प्रदेश का निवासी है और वर्ष 2016 से दुर्ग में रह रहा है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक उसके अधिवक्ता होने संबंधी पंजीयन अथवा अन्य प्रमाणित दस्तावेज सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
सिटी कोतवाली में गर्माया माहौल, बड़ी संख्या में लोग पहुंचे
घटना के बाद दुर्ग सिटी कोतवाली में भी काफी गहमागहमी की स्थिति बनी रही। बताया जा रहा है कि गिरधारी नगर, गया नगर और पानी टंकी क्षेत्र के बड़ी संख्या में स्थानीय लोग थाने पहुंचे। मामले को लेकर पुलिस से निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता पक्ष द्वारा पुलिस अधीक्षक, दुर्ग के समक्ष भी शिकायत प्रस्तुत किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस जांच के बाद ही स्थिति होगी स्पष्ट
मामले में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच और संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। विशेष रूप से संबंधित व्यक्ति का अधिवक्ता पंजीयन, फाइनेंस कंपनी की ओर से जारी प्राधिकरण पत्र तथा बेदखली कार्रवाई से संबंधित न्यायालयीन दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
ज्वाला एक्सप्रेस न्यूज मामले में सभी पक्षों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।


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