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‘मन की बात’ में गूंजा छत्तीसगढ़ का ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 27 सितम्बर 2026,  08:05 PM IST
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‘मन की बात’ में गूंजा छत्तीसगढ़ का ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान

मंत्री राजेश अग्रवाल ने सुनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मन की बात’
-छत्तीसगढ़ की पोषण पहल को राष्ट्रीय मंच मिलना गौरव का विषय- राजेश अग्रवाल
रायपुर
। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज नया रायपुर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी का श्रवण किया। इस दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से जुड़े विभिन्न प्रेरणादायी प्रयासों, जनभागीदारी, पोषण, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, स्थानीय उत्पादों और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सितंबर माह कुपोषण के खिलाफ जागरूकता और पोषण को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है तथा छत्तीसगढ़ में लोगों को पौष्टिक मुनगा यानी मोरिंगा को अपने खान-पान में शामिल करने के लिए प्रेरित करने की पहल की जा रही है।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ जैसे सशक्त माध्यम से छत्तीसगढ़ की ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ पहल का उल्लेख किया जाना प्रदेशवासियों के लिए गर्व और हर्ष का विषय है। यह छत्तीसगढ़ की सकारात्मक सोच, जनभागीदारी और स्थानीय संसाधनों के माध्यम से पोषण को बढ़ावा देने के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ देशभर में हो रहे जनहितकारी और प्रेरणादायी प्रयासों को देशवासियों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज के अलग-अलग वर्गों द्वारा किए जा रहे सकारात्मक कार्यों को व्यापक पहचान मिलती है और अन्य लोगों को भी ऐसे प्रयासों से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि मुनगा पोषण की दृष्टि से उपयोगी स्थानीय संसाधन है। ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान के माध्यम से इसे लोगों के दैनिक खान-पान का हिस्सा बनाने के लिए जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा इस पहल का उल्लेख छत्तीसगढ़ में पोषण के प्रति जनजागरूकता और जनभागीदारी को और गति देगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान केवल अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत से ही नहीं, बल्कि स्थानीय संसाधनों और सामुदायिक सहभागिता से जुड़ी अनेक सकारात्मक पहलों से भी बन रही है। ‘मन की बात’ में इन प्रयासों की चर्चा होना प्रदेश की जमीनी पहलों को देश के व्यापक मंच से जोड़ने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से सामने आने वाली प्रेरणादायी कहानियां हमें यह संदेश देती हैं कि जनभागीदारी से छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े सामाजिक बदलाव का माध्यम बन सकते हैं। हमें अपने आसपास हो रहे सकारात्मक प्रयासों से प्रेरणा लेते हुए विकसित भारत के संकल्प में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
 राजेश अग्रवाल ने कहा कि पोषण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण जैसे क्षेत्रों में समाज की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। सामूहिक प्रयासों से ही इन अभियानों को व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे स्थानीय स्तर पर होने वाली जनहितकारी पहलों से जुड़ें और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता महत्वपूर्ण है।


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