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दुर्ग में पीडीएस चावल से लदी दो गाड़ियां पकड़ी गईं, 112 की सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 28 सितम्बर 2026,  10:41 AM IST
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चावल की कथित तस्करी को लेकर फिर उठे सवाल, पद्मनाभपुर थाने ले जाए गए दोनों वाहन; पुलिस ने जानकारी देने से किया इनकार

दुर्ग। शहर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के चावल के कथित अवैध परिवहन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। रविवार को एक नागरिक ने सड़क से चावल से लदी दो गाड़ियों को गुजरते देखा और संदेह होने पर डायल 112 के माध्यम से पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों वाहनों को रोककर जांच के लिए पद्मनाभपुर थाने ले गई।

बताया जा रहा है कि दोनों वाहनों में पीडीएस चावल होने की आशंका जताई गई है। कार्रवाई के दौरान नगर निगम के एक पार्षद के भी मौके पर मौजूद होने की जानकारी सामने आई है। इस घटनाक्रम से संबंधित एक वायरल वीडियो में पार्षद द्वारा चावल को पीडीएस का बताया गया है। हालांकि, चावल की वास्तविक स्थिति और उसकी वैधानिकता की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

लंबे समय से उठते रहे हैं तस्करी के आरोप

दुर्ग जिले में पीडीएस चावल के कथित अवैध परिवहन और निजी राइस मिलों तक पहुंचाए जाने को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। आरोप लगाए जाते रहे हैं कि पीडीएस चावल को खुले बाजार में खपाने का प्रयास किया जाता है। वहीं, ऐसे मामलों में पकड़े गए चावल को बाजार से खरीदा हुआ बताने के लिए किराना अथवा चावल व्यापारियों के बिल प्रस्तुत किए जाने की चर्चा भी सामने आती रही है।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इस पूरे मामले में जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जब्त चावल वास्तव में पीडीएस का है या वैध रूप से बाजार से खरीदा गया माल है।

क्वालिटी इंस्पेक्टर की भूमिका पर भी सवाल

पीडीएस चावल की पहचान और सत्यापन में संबंधित खाद्य विभाग के अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि कई मामलों में चावल की प्रकृति की पुष्टि समय पर नहीं होने से कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाती। अब इस मामले में भी चावल की जांच और उसकी आपूर्ति से जुड़े दस्तावेजों के सत्यापन पर निगाहें टिकी हुई हैं।

थाने से जानकारी देने से इनकार

समाचार लिखे जाने तक पद्मनाभपुर थाने से मामले की आधिकारिक जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया गया, लेकिन मौजूद पुलिसकर्मियों ने मामले में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। इस बीच चर्चा है कि जब्त चावल को छुड़ाने के लिए विभिन्न स्तरों से संपर्क किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में भी किसी आधिकारिक पुष्टि की जानकारी नहीं मिली है।

अब सवाल यह है कि पुलिस और संबंधित खाद्य विभाग की जांच में दोनों वाहनों में लदा चावल पीडीएस का पाया जाता है या नहीं और यदि पीडीएस चावल की पुष्टि होती है तो इसके स्रोत, परिवहन और संभावित गंतव्य की जांच किस स्तर तक पहुंचती है। पूरे मामले में आधिकारिक जांच और कार्रवाई का इंतजार है।


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