*प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के महिला सशक्तिकरण के संकल्प को साकार कर रही बिहान की दीदियां*
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को मिल रहा नया आधार, अमारू में 20 एकड़ में लेमन ग्रास की खेती
रायपुर / प्राकृतिक सौंदर्य और वनौषधीय संपदा के लिए अपनी अलग पहचान रखने वाले गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की वादियों में इन दिनों एक नई खुशबू फैल रही है। यह खुशबू केवल लेमन ग्रास की नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, समृद्धि और महिला सशक्तिकरण की है। कभी परिवार की सीमित आय में घर-गृहस्थी संभालने वाली ग्रामीण महिलाएं आज संगठित होकर खेती और स्वरोजगार के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक ताकत बन रही हैं। ग्राम अमारू में बिहान योजना से जुड़ी महिला स्वसहायता समूहों की दीदियों ने लेमन ग्रास की खेती के जरिए ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में एक नई शुरुआत की है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर ‘लखपति दीदी’ के रूप में आगे बढ़ाने की परिकल्पना को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वय से महिलाओं को स्वसहायता समूहों से जोड़ने के साथ उन्हें आर्थिक सहायता, बैंक लिंकेज, प्रशिक्षण और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जीपीएम जिले में लेमन ग्रास जैसी औषधीय और व्यावसायिक फसलों को ग्रामीण महिलाओं की आय का नया माध्यम बनाने की पहल की गई है।
जनपद पंचायत पेंड्रा के ग्राम अमारू में गठित 10 महिला स्वसहायता समूहों की महिलाओं ने लगभग 20 एकड़ भूमि पर सामूहिक रूप से लेमन ग्रास की खेती शुरू की है। इनमें ज्योति महिला समूह, महामाया समूह, जय संतोषी माता समूह और हनी समूह सहित अन्य स्वसहायता समूह शामिल हैं। महिलाओं का यह सामूहिक प्रयास केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव में उपलब्ध भूमि और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से स्थायी ग्रामीण आजीविका का एक नया मॉडल तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
*खेतों से निकलेगा सुगंधित तेल, बाजार से जुड़ेगी महिलाओं की मेहनत*
लेमन ग्रास एक सुगंधित एवं औषधीय पौधा है, जिससे प्राप्त तेल का उपयोग विभिन्न उत्पादों में किया जाता है। ग्राम अमारू की महिलाएं इसकी खेती के बाद तेल निकालकर खुले बाजार और औषधीय संस्थानों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही हैं। इससे खेती को सीधे बाजार से जोड़कर महिलाओं की आय बढ़ाने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
ज्योति महिला समूह की सदस्य श्रीमती गायत्री काशीपुरी ने बताया कि उनके समूह की 11 सदस्य पादप औषधि बोर्ड के सहयोग से लेमन ग्रास की खेती कर रही हैं। उन्होंने बताया कि लेमन ग्रास से तेल निकालकर बाजार एवं औषधीय संस्थानों में बेचा जाएगा। इसका उपयोग चाय, इत्र तथा विभिन्न औषधीय उत्पादों में किया जाता है। श्रीमती गायत्री ने उत्साह के साथ कहा कि समूह की महिलाएं इस खेती को आने वाले समय में और विस्तार देना चाहती हैं।
*सरकारी मदद ने बढ़ाया हौसला, आजीविका के खुले कई रास्ते*
महामाया समूह की श्रीमती सुशीला भानू, जय संतोषी माता समूह की श्रीमती पाबरिया भानू और हनी समूह की श्रीमती पूजा ध्रुव ने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद महिलाओं के लिए आजीविका के कई नए रास्ते खुले हैं। समूहों को 15 हजार रुपये की चक्रीय राशि, 60 हजार रुपये की सामुदायिक निवेश निधि तथा बैंक लिंकेज का लाभ मिला है।
इस आर्थिक सहयोग और समूह की सामूहिक शक्ति के बल पर महिलाएं आज केवल लेमन ग्रास की खेती ही नहीं कर रही हैं, बल्कि सेंटरिंग प्लेट व्यवसाय, टेंट हाउस, सब्जी बाड़ी, किराना दुकान, बकरी पालन और मुर्गी पालन जैसी विभिन्न आजीविका गतिविधियों से भी जुड़ रही हैं। इससे महिलाओं की स्वयं की आय बढ़ने के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और उनमें निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।
*‘लखपति दीदी’ के संकल्प की ओर मजबूत कदम*
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वसहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं की वार्षिक आय बढ़ाकर उन्हें ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा है। छत्तीसगढ़ में साय सरकार द्वारा भी ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार और आयमूलक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जीपीएम जिले के अमारू में लेमन ग्रास की खेती इसी दिशा में संभावनाओं से भरा प्रयास है। यदि उत्पादन के साथ प्रसंस्करण और विपणन की मजबूत व्यवस्था विकसित होती है, तो यह गतिविधि महिलाओं के लिए नियमित और बेहतर आय का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है।
*खेतों में उग रही फसल के साथ बढ़ रहे महिलाओं के सपने*
ग्राम अमारू की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आ रहे सकारात्मक बदलाव की तस्वीर प्रस्तुत करती है। जिन हाथों ने वर्षों तक परिवार और घर की जिम्मेदारियां संभालीं, वही हाथ अब खेतों में लेमन ग्रास लगाकर आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहे हैं। समूह की ताकत, सरकारी योजनाओं का सहयोग और महिलाओं की मेहनत मिलकर गांव में आजीविका का नया रास्ता तैयार कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ के संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने वाली राज्य सरकार की नीतियों के बीच ग्राम अमारू की महिलाएं बदलाव की मजबूत कड़ी बनकर उभरी हैं। लेमन ग्रास की यह महक अब केवल खेतों तक सीमित नहीं है। यह महिलाओं के आत्मविश्वास, उनके परिवारों की खुशहाली और आत्मनिर्भर ग्रामीण छत्तीसगढ़ की नई उम्मीद की खुशबू बन रही है।
ज्वाला प्रसाद अग्रवाल, कार्यालय शाप न. 2 संतोषी मंदिर परिसर,गया नगर दुर्ग , छत्तीसगढ़, पिनकोड - 491001
+91 99935 90905
amulybharat.in@gmail.com
बैंक का नाम : IDBI BANK
खाता नं. : 525104000006026
IFS CODE: IBKL0000525
Address : Dani building, Polsaipara, station road, Durg, C.G. - 49001
Copyright © Amuly Bharat News ©2023-24. All rights reserved | Designed by Global Infotech
Add Comment