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छत्तीसगढ और भी
इंस्पेक्टर ने खुद को मारी गोली...थाने में नहीं सुनी पुलिसवाले से मारपीट की शिकायत
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 30 दिसम्बर 2024,  11:45 AM IST
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छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में तैनात कंपनी कमांडेंट (इंस्पेक्टर) ने खुद को गोली मार कर अपनी जान दे दी। इस मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि इंस्पेक्टर की दो दिन पहले अपने सहकर्मी पुलिस वाले से विवाद हुआ था। दोनों के बीच मारपीट हुई थी जिसके बाद अनिल सिंह गहरवाल ने इसकी शिकायत राखी थाने में की थी। हालांकि इस मामले में कोई भी एक्शन नहीं लिया गया।

मारपीट की घटना 27 दिसंबर की बताई जा रही है। थाना प्रभारी अजीत सिंह के मुताबिक शिकायत उनकी जानकारी में नहीं थी। थाने में अनिल सिंह ने स्टाफ को शिकायत दी थी। जिसमें उन्होंने अपने सहकर्मी के साथ विवाद का जिक्र किया था। हालांकि थाना प्रभारी ने शिकायत किसके खिलाफ दी गई और इस पर पुलिस ने एक्शन क्यों नहीं लिया। इस सवाल का जवाब नहीं दिया।

क्या था पूरा मामला जानिए

छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय रायपुर में तैनात छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स के कंपनी कमांडेंट (इंस्पेक्टर) ने रविवार की शाम खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इंस्पेक्टर PHQ की सुरक्षा में लगी बटालियन का अफसर था। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अफसर मौके में पहुंच गए। यह पूरा मामला राखी थाना क्षेत्र का है।

अनिल सिंह गहरवाल सतना, मध्यप्रदेश का रहने वाला था। उम्र लगभग 46 साल बताई जा रही है। उसने अपने बैरक में खुद की सर्विस रिवॉल्वर से सिर के हिस्से में गोली मारी है। इस घटना के बाद पुलिस कैम्प में हड़कंप मच गया। गोली की आवाज सुनते ही दूसरे कमरों से निकलकर जवान मौके पर पहुंचे। रायपुर पुलिस SSP डॉ लाल उम्मेद सिंह भी घटनास्थल पहुंचे थे।

दीवार पर खून के छींटे मिले

मौके पर पहुंची फॉरेंसिक की टीम को दीवार पर खून के छींटे भी मिले। इसके अलावा इंस्पेक्टर के कमरे के भीतर भी खून बिखरा हुआ था। मौके पर फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल के पास से बारीकी से जांच पड़ताल की। बताया जा रहा है कि दरवाजा पुलिस को अंदर से बंद मिला। जिसे बाद में तोड़ा गया।

आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन मिला था

मृतक अनिल के परिचितों से मिली जानकारी के मुताबिक, अनिल छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स में कॉन्स्टेबल के रूप में भर्ती हुए थे। विभागीय प्रमोशन से हेड कॉन्स्टेबल बने। फिर नक्सल मोर्चे में लंबी ड्यूटी और वीरता पूर्ण कार्यों के लिए उन्हें आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिला। जिस वजह से प्रमोट होकर कंपनी कमांडेंट बने थे। उनके परिवार में पत्नी समेत एक बेटा और एक बेटी है। फिलहाल इस मामले में राखी पुलिस आगे की जांच पड़ताल कर रही है।

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