*जल जीवन मिशन एवं क्रेडा की संयुक्त पहल से नारायणपुर जिले के वनांचल में बदली पेयजल की तस्वीर*
*1,064 सोलर ड्यूल पंपों के लक्ष्य में से 849 पंप स्थापित; दूरस्थ पारा-टोलों को 'झिरिया' के दूषित जल से मिली मुक्ति*
*सौर ऊर्जा आधारित तकनीक से विद्युतविहीन क्षेत्रों में 24/7 सुरक्षित पेयजल की सुनिश्चितता*
रायपुर/ छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के दुर्गम वनांचल एवं पथरीले अंचलों में, जहाँ कभी एक-एक मटका पानी के लिए ग्रामीणों को मीलों का कठिन सफर तय करना पड़ता था या झिरिया के दूषित पानी पर निर्भर रहना पड़ता था, वहाँ अब सौर ऊर्जा एक वरदान बनकर उभरी है। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप जल जीवन मिशन और छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के साझा प्रयासों से संचालित सोलर ड्यूल पंप योजना ने अबूझमाड़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। इस दूरदर्शी पहल का मुख्य उद्देश्य जिले के दूरदराज वाले पारा-टोलों तक स्वच्छ पेयजल की नियमित पहुँच सुनिश्चित करना है, जिससे ग्रामीणों को झिरिया के दूषित जल से हमेशा के लिए मुक्ति मिल सके।
नारायणपुर जिले की भौगोलिक परिस्थितियाँ, कठिन वनांचल और बिखरी हुई बसाहटें पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा को हर घर तक पहुँचाने में हमेशा से बड़ी चुनौती रही हैं। ऐसे क्षेत्रों में पीने का साफ पानी सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील विषय है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिले के 371 ग्रामों एवं पारा-टोलों को स्वच्छ पेयजल से जोड़ने के लिए कुल 1,064 सोलर ड्यूल पंप स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। क्रेडा और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के निरंतर प्रयासों से अब तक 849 पंपों की सफल स्थापना पूरी की जा चुकी है, जिससे एक बड़े क्षेत्र में पेयजल संकट दूर हुआ है।
सोलर ड्यूल पंपों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित होते हैं। बिजली की अनिश्चितता वाले या विद्युतविहीन दूरस्थ क्षेत्रों में भी यह प्रणाली बिना किसी रुकावट के चौबीसों घंटे पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करती है। जिले के नेलांगुर, पदमकोट, जाटलूर, उसेबेड़ा, हरबेल, कस्तुरमेंटा-2, धुरबेड़ा और गुमरका जैसे अत्यंत संवेदनशील व दुर्गम गाँवों में इन पंपों के शुरू होने से ग्रामीणों को अपने घर के पास ही शुद्ध पानी मिलने लगा है। इससे पानी जुटाने के लिए दूर जाने की मजबूरी खत्म हुई है, जिससे ग्रामीणों के दैनिक श्रम और समय दोनों की बड़ी बचत हो रही है।
पेयजल की सुलभता का सबसे सुखद और सीधा प्रभाव ग्रामीण महिलाओं और परिवारों की जीवनशैली पर पड़ा है। पहले जहाँ महिलाओं को पानी के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ती थी, वहीं अब वे उस समय का उपयोग अन्य आजीविका गतिविधियों और अपने बच्चों की देखभाल में कर पा रही हैं। इसके साथ ही, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता से दूषित पानी के सेवन से होने वाली जलजनित बीमारियों पर प्रभावी रोक लगी है और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है। शेष बचे पंपों की स्थापना का कार्य भी तेजी से जारी है। नारायणपुर में सोलर ड्यूल पंपों का यह सफल प्रयोग न केवल दूरस्थ गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुँचाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ में ग्रीन एनर्जी के माध्यम से समावेशी और सतत ग्रामीण विकास की एक नई इबारत भी लिख रहा है।
ज्वाला प्रसाद अग्रवाल, कार्यालय शाप न. 2 संतोषी मंदिर परिसर,गया नगर दुर्ग , छत्तीसगढ़, पिनकोड - 491001
+91 99935 90905
amulybharat.in@gmail.com
बैंक का नाम : IDBI BANK
खाता नं. : 525104000006026
IFS CODE: IBKL0000525
Address : Dani building, Polsaipara, station road, Durg, C.G. - 49001
Copyright © Amuly Bharat News ©2023-24. All rights reserved | Designed by Global Infotech
Add Comment