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'राष्ट्र प्रेम' पर ओजस्वी वक्तव्य देकर डॉ. शीतल बने तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता के विजेता
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 14 अक्टूबर 2026,  08:45 PM IST
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'राष्ट्र प्रेम' पर ओजस्वी वक्तव्य देकर डॉ. शीतल बने तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता के विजेता

नगर राजभाषा विभाग द्वारा आयोजित प्रतिस्पर्धा में 27 वक्ताओं को पछाड़कर हासिल किया प्रथम स्थान
भिलाई
। राजभाषा विभाग द्वारा आयोजित नगर स्तरीय राजभाषा पखवाड़े व साहित्यिक प्रतियोगिताओं की शृंखला में 'तात्कालिक भाषण प्रतिस्पर्धा' का भव्य आयोजन इस्पात भवन के द्वितीय तल पर संपन्न हुआ। अत्यंत कड़े मुकाबले और वैचारिक अभिव्यक्ति के इस मंच पर शिक्षा विभाग (बीएसपी) के डॉ. शीतल चंद्र शर्मा ने अपनी उत्कृष्ट वक्तृत्व कला का प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।
-भावपूर्ण प्रस्तुति से मोहा निर्णायकों का मन
इस तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता में नगर एवं संयंत्र के विभिन्न विभागों से आए लगभग 27 प्रतिभावान प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान डॉ. शीतल चंद्र शर्मा को 'राष्ट्र प्रेम' जैसा विचारोत्तेजक और संवेदनशील विषय प्राप्त हुआ।
डॉ. शर्मा ने अपने वक्तव्य में राष्ट्रभक्ति, नागरिक कर्तव्य और देश प्रेम के भावों को अत्यंत सरल, रोचक, धाराप्रवाह और भाव-प्रवण शैली में प्रस्तुत किया। उनकी तर्कपूर्ण प्रस्तुति और भाषा पर अद्भुत पकड़ ने निर्णायकों के साथ-साथ उपस्थित श्रोताओं को भी मंत्रमुग्ध कर दिया। निर्णायकों ने उनके वक्तव्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए उन्हें सर्वसम्मति से प्रथम पुरस्कार हेतु चुना।
-उपलब्धियों से भरा साहित्यिक सफर
डॉ. शीतल चंद्र शर्मा केवल तात्कालिक भाषण में ही नहीं, बल्कि विभिन्न साहित्यिक एवं बौद्धिक विधाओं में निरंतर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करते रहे हैं। इससे पूर्व भी वे नगर राजभाषा विभाग और अन्य प्रतिष्ठित मंचों पर तात्कालिक भाषण, निबंध लेखन, वाद-विवाद, तात्कालिक कविता लेखन तथा 'चित्र देखो-कहानी लिखो' जैसी प्रतियोगिताओं में अनेक बार शीर्ष स्थान प्राप्त कर चुके हैं।
राजभाषा विभाग के खुला मंच आयोजनों में उन्हें समय-समय पर श्रेष्ठ वक्ता, श्रेष्ठ विचारक और श्रेष्ठ प्रस्तुतकर्ता सम्मानों से विभूषित किया जा चुका है। साहित्यिक मंचों के साथ-साथ डॉ. शर्मा शोध एवं अकादमिक क्षेत्र में भी सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। वे समय-समय पर विभिन्न शोध पत्रों का लेखन व राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशन करते रहे हैं।
उन्होंने देश की सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक राजधानियों—जैसे दिल्ली, उज्जैन और बनारस—में आयोजित संस्कृत एवं हिंदी भाषा के राष्ट्रीय सेमिनार में बीएसपी और भिलाई नगर का गौरवपूर्ण प्रतिनिधित्व किया है। इसके अतिरिक्त, एक मंच कवि के रूप में भी वे विभिन्न प्रतिष्ठित कवि सम्मेलनों में आमंत्रित किए जाते रहे हैं। डॉ. शीतल चंद्र शर्मा की इस गौरवमयी उपलब्धि पर भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारियों, शिक्षा विभाग के सहकर्मियों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें हार्दिक बधाई दी है।


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