मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित सांप कांड में जिला अदालत ने शुक्रवार को अहम फैसला सुनाते हुए अमित कश्यप की हत्या के दोषी उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई। करीब 17 महीने तक चले मुकदमे के बाद अदालत ने 7 अक्टूबर को दोनों को हत्या का दोषी ठहराया था। शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोनों को मृत्युदंड दिया।
अदालत ने अपराध को माना दुर्लभतम श्रेणी का मामला
सजा सुनाते हुए अदालत ने अपराध की गंभीरता का उल्लेख किया। फैसले में पत्नी और पति के रिश्ते से जुड़े सांस्कृतिक और पौराणिक संदर्भों का भी जिक्र किया गया। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि पति की हत्या कर उसे सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की कोशिश की गई थी। अदालत ने मामले के तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को कड़ी सजा सुनाई।
सरकारी वकील ने शबनम केस का दिया हवाला
सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता के.के. चौबे ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की। अभियोजन पक्ष ने अमरोहा के चर्चित शबनम हत्याकांड का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में भी हत्या को सामान्य घटना का रूप देने और जांच को गुमराह करने की कोशिश की गई थी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, अमित की हत्या के बाद घटनास्थल पर सांप मिलने से शुरुआत में मामला सर्पदंश का लग रहा था। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों ने मामले की दिशा बदल दी।
पोस्टमार्टम से खुला राज, दम घोंटकर की गई थी हत्या
यह घटना 12 अप्रैल 2025 की है। उस दिन अमित कश्यप का शव उसके घर में मिला था। शव के नीचे जिंदा सांप मिलने के कारण शुरुआती तौर पर परिजनों और ग्रामीणों को लगा कि उसकी मौत सांप के काटने से हुई है।
लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि अमित की मौत सर्पदंश से नहीं, बल्कि मुंह और नाक दबाकर दम घोंटने के कारण हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई। जांच में पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप की भूमिका सामने आई। अभियोजन पक्ष ने अदालत में साक्ष्यों के आधार पर दोनों के खिलाफ हत्या की साजिश रचने का मामला पेश किया।
फैसले के बाद परिजनों ने जताया संतोष
दोनों दोषियों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया। फैसला सुनाए जाने के बाद मृतक अमित कश्यप के परिजनों ने संतोष जताया। अमित की मां ने कहा कि अदालत के फैसले से उन्हें न्याय मिलने का एहसास हुआ है।
इस मामले में जिला अदालत द्वारा सुनाई गई मृत्युदंड की सजा के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। मौत की सजा पर अमल से पहले कानून के तहत उच्च अदालत की पुष्टि और अन्य लागू प्रक्रियाएं पूरी होना आवश्यक है।
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