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पिता की हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास, ₹1,000 का अर्थदंड
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 18 अक्टूबर 2026,  04:45 PM IST
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पिता की हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास, ₹1,000 का अर्थदंड

दुर्ग पुलिस की विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी से मिली दोषसिद्धि, अर्थदंड नहीं देने पर पांच माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास
दुर्ग।
पिता की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायालय, पाटन ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और ₹1,000 के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला 16 अक्टूबर 2026 को सुनाया गया। मामले में दुर्ग पुलिस द्वारा की गई विवेचना, साक्ष्यों के संकलन और अभियोजन पक्ष की प्रभावी न्यायालयीन पैरवी महत्वपूर्ण रही।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना उतई क्षेत्र में 21 अक्टूबर 2025 को पिता पर प्राणघातक हमला किए जाने के मामले में अपराध क्रमांक 428/2025 दर्ज किया गया था। प्रकरण की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक महेश ध्रुव ने की। विवेचना के दौरान आवश्यक साक्ष्य एकत्रित कर वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई और 22 दिसंबर 2025 को न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायालय, पाटन, जिला दुर्ग में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक शेखर वर्मा ने प्रभावी पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत किए। प्रस्तुत साक्ष्यों एवं अभियोजन के तर्कों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने आरोपी डोमन लाल यदु उर्फ चुन्नी लाल यदु (42 वर्ष), निवासी ग्राम गाड़ाडीह चौक, थाना उतई, जिला दुर्ग को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत दोषसिद्ध कर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही ₹1,000 का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर आरोपी को पांच माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
-विवेचना और पैरवी रही महत्वपूर्ण
प्रकरण में तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक महेश ध्रुव द्वारा की गई विवेचना, साक्ष्य संकलन और समय पर अभियोग पत्र प्रस्तुत करने की कार्रवाई के साथ अतिरिक्त लोक अभियोजक शेखर वर्मा की न्यायालयीन पैरवी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। न्यायालय के निर्णय से मामले में आरोपी को दंडित किया गया।
-दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि पारिवारिक विवादों और आपसी मतभेदों का समाधान हिंसा के बजाय संवाद एवं कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से करें। किसी भी गंभीर घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने निष्पक्ष विवेचना, साक्ष्यों के विधिसम्मत संकलन और प्रभावी अभियोजन के माध्यम से कानून का पालन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।


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