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बीना में ₹50 हजार करोड़ की पेट्रोकेमिकल परियोजना: हर साल बनेंगे 22 लाख टन उत्पाद, सीएम यादव ने कहा युवाओं को मिलेंगे रोजगार
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 22 अक्टूबर 2026,  08:46 PM IST
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बीना में ₹50 हजार करोड़ की पेट्रोकेमिकल परियोजना: हर साल बनेंगे 22 लाख टन उत्पाद, सीएम यादव ने कहा युवाओं को मिलेंगे रोजगार

भोपाल। मध्य प्रदेश में पेट्रोकेमिकल उद्योग के विस्तार से औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद है। बीना में ₹50 हजार करोड़ की लागत से विकसित हो रही डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल परियोजना से हर साल 22 लाख टन से अधिक उत्पाद तैयार होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई में आयोजित इंडिया केम-2026 में यह जानकारी देते हुए कहा कि इससे प्लास्टिक, पैकेजिंग, दवा, कपड़ा और वाहन उद्योगों को जरूरी कच्चा माल मिलेगा। उन्होंने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद प्रदेश में करीब ₹12 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की दिशा में काम आगे बढ़ा है

बीना से आष्टा तक पेट्रोकेमिकल उद्योग का विस्तार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में बिजली, पानी, जमीन और उद्योगों के लिए तैयार सुविधाएं उपलब्ध हैं। बीना की पेट्रोकेमिकल परियोजना के अलावा विजयपुर में गेल के गैस प्रसंस्करण ढांचे और सीहोर जिले के आष्टा में गेल इंडिया की पेट्रोकेमिकल परियोजना से भी औद्योगिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि रायसेन जिले के तामोट में 121 एकड़ और ग्वालियर के बिलोवा में 93 एकड़ क्षेत्र में प्लास्टिक पार्क विकसित किए गए हैं। इनका उद्देश्य प्लास्टिक और पॉलिमर आधारित छोटे तथा मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देना है। वहीं, पीएम मित्रा पार्क से कपड़ा उद्योग में मध्य प्रदेश की भागीदारी मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य सरकार उद्योगों के लिए सरल और पारदर्शी व्यवस्था बनाने पर काम कर रही है। निवेशकों को बिजली, पानी और जमीन रियायती दरों पर उपलब्ध कराने के साथ औद्योगिक इकाइयों की जरूरतों के अनुसार सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

2040 तक एक ट्रिलियन डॉलर का उद्योग बनाने का लक्ष्य

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2014 में भारत का रसायन एवं पेट्रोकेमिकल बाजार करीब 120 अरब डॉलर का था, जो अब दोगुने से अधिक हो चुका है। उन्होंने इस क्षेत्र में वर्ष 2014 से 2026 के बीच करीब एक लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आने का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति व्यवस्था में बाधाओं के बीच भारत के पास नए औद्योगिक अवसर विकसित करने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2040 तक देश के रसायन एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र को एक ट्रिलियन डॉलर का उद्योग बनाने के लक्ष्य में मध्य प्रदेश भी योगदान देगा।


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