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कांग्रेस ने चुनावी पारदर्शिता पर उठाए सवाल, सीईसी से मांगा इस्तीफा
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 25 अक्टूबर 2026,  06:45 PM IST
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कांग्रेस ने चुनावी पारदर्शिता पर उठाए सवाल, सीईसी से मांगा इस्तीफा

हटाए गए 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम बहाल करने उठाई आवाज

दुर्ग। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा तथा मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के विरोध में कांग्रेस ने 'वोट बचाओ-देश बचाओ अभियान के तहत रविवार को दुर्ग के राजीव भवन में संयुक्त प्रेसवार्ता की। इसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र सरकार और भारतीय निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूचियों से हटाए गए 13.3 करोड़ नामों की बहाली और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को तत्काल स्थगित करने की मांग की। प्रेसवार्ता में एआईसीसी ऑब्जर्वर एवं झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं पीसीसी पर्यवेक्षक रविन्द्र चौबे, पीसीसी पर्यवेक्षक सुबोध हरितवाल, पूर्व महापौर आरएन वर्मा, दुर्ग ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर, दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल, भिलाई नगर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर, पूर्व महापौर आरएन वर्मा,प्रदेश कांग्रेस कमेटी महासचिव राजेन्द्र साहू,पूर्व सभापति राजेश यादव, कांग्रेस प्रवक्ता नासिर खोखर व कांग्रेस के अन्य नेता मौजूद रहे। मीडिया से चर्चा में एआईसीसी ऑब्जर्वर राजेश ठाकुर ने कहा कि वोट चोरी का मुद्दा केवल किसी एक चुनाव या प्रक्रिया तक सीमित नहीं है। कांग्रेस लगातार मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं, नाम जोडऩे और हटाने की प्रक्रिया, दोहरे पंजीकरण, चुनावी आंकड़ों में पारदर्शिता तथा ईवीएम और वीवीपैट की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाती रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने महाराष्ट्र, महादेवपुरा, आलंद और हरियाणा से जुड़े मामलों में साक्ष्यों एवं आंकड़ों के आधार पर चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बडिय़ों का मुद्दा उठाया है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं ने इस संबंध में विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को ज्ञापन भी सौंपा है। श्री ठाकुर ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी। पूर्व कैबिनेट मंत्री रविन्द्र चौबे ने मतदाता सूचियों से जुड़े आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा क्षेत्र के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में कथित तौर पर पांच प्रकार की अनियमितताओं के कारण 1,00,250 वोट प्रभावित हुए। इनमें अमान्य तस्वीरों, फॉर्म-6 के कथित दुरुपयोग और संदिग्ध प्रविष्टियों जैसे मामले शामिल बताए गए। श्री चौबे ने महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच मतदाताओं की संख्या में कथित रूप से 39 लाख की वृद्धि का मुद्दा भी उठाया। पीसीसी पर्यवेक्षक सुबोध हरितवाल ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति और उनके कानूनी संरक्षण से जुड़े प्रावधानों पर सवाल उठाए। दुर्ग ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने अभियान की आगामी रूपरेखा की जानकारी देते हुए बताया कि एआईसीसी के निर्देशानुसार 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक ग्रामीण क्षेत्रों में 'वोट रक्षक अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत घर-घर संपर्क और गांव-गांव चौपालों के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बूथ समितियां प्रभावित परिवारों और उन नागरिकों से संपर्क करेंगी, जिनके वैध नाम मतदाता सूची से गायब होने की शिकायत है। ऐसे मामलों से संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य एकत्रित किए जाएंगे तथा जरूरतमंद मतदाताओं को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल और भिलाई नगर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने संयुक्त रूप से कहा कि 'वोट बचाओ-देश बचाओ अभियान को व्यापक जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन के घटक दलों के साथ राष्ट्रीय रैली आयोजित करने की योजना है। इसके बाद 25 और 26 नवंबर को 'दिल्ली चलो कार्यक्रम के तहत देशभर के कार्यकर्ताओं और प्रभावित नागरिकों के दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया गया है। उन्होंने कहा कि

 'वोट बचाओ-देश बचाओ अभियान के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक करने, चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए संघर्ष जारी रखा जाएगा।

 

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