• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
अपराध और भी
क्रोएशिया में विला और जमीन सौदे के नाम पर 10 करोड़ की धोखाधड़ी; चंडीगढ़ EOW ने दर्ज की FIR
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 25 अक्टूबर 2026,  10:27 PM IST
  • 115
क्रोएशिया में विला और जमीन सौदे के नाम पर 10 करोड़ की धोखाधड़ी; चंडीगढ़ EOW ने दर्ज की FIR

विदेशों में प्रॉपर्टी खरीदने और आकर्षक रिटर्न पाने के नाम पर होने वाले निवेश में अक्सर लोग भारी रकम लगा देते हैं, लेकिन जब ऐसा ही भरोसा पारिवारिक रिश्तों के बीच टूटता है तो मामला और ज्यादा उलझ जाता है। यह पूरा विवाद दिल्ली के एक कारोबारी और उनके करीबी रिश्तेदारों के बीच क्रोएशिया में खरीदी गई एक लग्जरी विला और जमीन के सौदों से जुड़ा है।

बिजनेस के पुराने बकाये को चुकाने के नाम पर विदेश की यह संपत्ति ट्रांसफर तो कराई गई, लेकिन आरोप है कि न तो पीड़ित को उसके पैसे लौटाए गए और न ही संपत्ति का अधिकार मिला; बल्कि उसी विला को बैंक में रखकर कर्ज उठाने और किराया वसूलने का खेल शुरू हो गया।

​10 करोड़ रुपये के विला का सौदा और बकाया न चुकाने का आरोप

दरसल साल 2022 में चंडीगढ़ में हुई एक बैठक के दौरान मयंक जगवानी ने कुनाल टोलानी की मुलाकात 3BL स्पोर्ट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक रोहित बख्शी से कराई थी। इसके बाद टोलानी ने संबंधित कारोबार में बड़ा निवेश किया। व्यापार में घाटा होने के बाद बख्शी की क्रोएशियाई कंपनी के नाम दर्ज ज़ाग्रेब स्थित एक विला को 13 सितंबर 2023 को मयंक जगवानी से जुड़ी एक कंपनी के नाम ट्रांसफर कर दिया गया।

यह तय हुआ था कि इस विला के जरिए टोलानी के बकाया 10 करोड़ रुपये चुकाए जाएंगे। हालांकि, टोलानी का आरोप है कि संपत्ति अपने नाम कराने के बाद भी उन्हें तय रकम का भुगतान नहीं किया गया।

​विला किराये पर देकर बैंक से कर्ज लेने का खेल, रोहित बख्शी ने भी दर्ज कराई शिकायत

कंपनी निदेशक रोहित बख्शी ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि मयंक जगवानी और उनके पिता ने मिलीभगत कर उनके और टोलानी के साथ सुनियोजित साजिश रची। उन्होंने बताया कि सितंबर 2024 से उस विला को किराये पर चढ़ा दिया गया और उसका किराया मयंक जगवानी वसूल रहे हैं। इसके अलावा उस विला को क्रोएशिया के एक स्थानीय बैंक में गिरवी रखकर भारी कर्ज भी उठा लिया गया।

बख्शी ने भी इस धोखाधड़ी को लेकर जून माह में पुलिस को अलग से शिकायत दी थी। पुलिस जांच में सामने आई कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग्स में रवि जगवानी द्वारा देनदारी स्वीकार किए जाने की बात भी दर्ज है।

​कृषि भूमि में निवेश के नाम पर दो अन्य निवेशकों से भी ठगी

संयुक्त शिकायत में शामिल ज़िरकपुर के गौरव अबरोल और भरतपुर के नवीन पराशर ने भी जगवानी परिवार पर समान तरीके से ठगी के आरोप लगाए हैं:

​गौरव अबरोल का मामला: अबरोल का आरोप है कि 2020 में रवि जगवानी ने उन्हें मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट दिखाकर क्रोएशिया में कृषि भूमि पर सालाना बेहतर रिटर्न का वादा किया। इस सौदे में उन्हें करीब 30 लाख रुपये और अन्य खर्चों का चूना लगा, जिसके सबूत के तौर पर उन्होंने व्हाट्सएप चैट और ऑडियो रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंपी हैं।

​नवीन पराशर का मामला: पराशर के अनुसार, उन्होंने 2021 में क्रोएशिया में कुछ भूखंड खरीदे थे, जिन्हें कर्जमुक्त बताया गया था। बाद में उनकी पावर ऑफ अटॉर्नी का गलत इस्तेमाल कर जमीन को लीज पर दे दिया गया और उस पर बैंक से ऋण ले लिया गया।

​पुलिस ने दस्तावेज और रिकॉर्डिंग्स जांचने के बाद दर्ज किया केस

चंडीगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज करने से पहले बैंक ट्रांजैक्शन, व्हॉट्सऐप बातचीत, गवाहों के बयान और ऑडियो रिकॉर्डिंग की प्राथमिक तकनीकी जांच की। उधर, आरोपी मयंक जगवानी ने अपने ऊपर लगे आरोपों, विला से जुड़े दायित्वों और टोलानी के प्रति किसी भी प्रकार की देनदारी से साफ इनकार किया है।

मामले के सामने आने के बाद शिकायतकर्ता टोलानी ने अन्य निवेशकों को आगाह करते हुए कहा है कि पारिवारिक संपर्कों के आधार पर भी विदेश में निवेश करने से पहले संपत्तियों के मालिकाना हक और कानूनी स्थिति की स्वतंत्र जांच जरूर कराएं।


Add Comment


Add Comment






ताज़ा समाचार और भी
Get Newspresso, our morning newsletter