• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
धर्म और भी
रायपुर में डॉ. चिन्मय पंड्या का भव्य स्वागत, बोले- विचार और कार्यों में सकारात्मकता बनाए रखें
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 5 जनवरी 2025,  08:39 PM IST
  • 200

रायपुर । अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने युग परिवर्तन का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ प्रवास के तहत रायपुर का दौरा किया।
राज्य के सबसे बड़े शहर रायपुर में उनका आगमन हुआ।
रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर छत्तीसगढ़ के गायत्री परिवार के सदस्यों और युवा प्रतिनिधियों ने डॉ. चिन्मय पंड्या का भव्य स्वागत किया। पारंपरिक रीति-रिवाजों और श्रद्धाभाव के साथ उनका अभिनंदन किया गया। स्वागत समारोह में महिलाओं, युवाओं, और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।  डॉ. चिन्मय पंड्या ने अपने संदेश में युग परिवर्तन के लिए नैतिक और आध्यात्मिक जागरण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार का उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है। डॉ. पंड्या ने युवाओं को अपने विचार और कार्यों में सकारात्मकता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया और कहा कि युवा शक्ति के द्वारा ही समाज का पुनर्निर्माण संभव है।
इस दौरान डॉ. पंड्या ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर और यहां के लोगों के आत्मीयता भरे स्वागत की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह धरती ऋषि-मुनियों और परंपराओं की समृद्धि से परिपूर्ण है और यहां के लोगों में नई ऊर्जा और जागरूकता का संचार करने की असीम क्षमता है।
डॉ. पंड्या का यह प्रवास छत्तीसगढ़ में गायत्री परिवार की गतिविधियों को नई दिशा और गति देने का कार्य करेगा। उन्होंने अपने प्रवास के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने और समाज में आध्यात्मिक चेतना जगाने के लिए कार्य करने की योजना बनाई है। गायत्री परिवार के वरिष्ठ सदस्यों ने इस अवसर पर डॉ. पंड्या के विचारों और प्रेरणा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। यह दौरा न केवल रायपुर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा का स्रोत बना।

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

Add Comment


Add Comment

RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg
RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg





Get Newspresso, our morning newsletter