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नेपाल में राजशाही और हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर आंदोलन तेज, काठमांडू में हज़ारों लोगों का प्रदर्शन
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 10 अप्रैल 2025,  11:41 PM IST
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नेपाल में राजशाही और हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर आंदोलन तेज, काठमांडू में हज़ारों लोगों का प्रदर्शन

नेपाल की राजधानी काठमांडू में एक बार फिर राजशाही की बहाली और देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग को लेकर बड़ा जन आंदोलन सामने आया है। 8 अप्रैल को हुए इस प्रदर्शन में हज़ारों लोग सड़कों पर उतरे। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं विवादित नेता दुर्गा प्रसाई, जो लंबे समय से इस मुद्दे को लेकर सक्रिय हैं। उनके साथ गोविंद पांडे जैसे समर्थक भी हैं, जो विशेष रूप से पश्चिमी नेपाल से इस प्रदर्शन में हिस्सा लेने पहुंचे।

गोविंद पांडे, जो पहले लोकतंत्र समर्थक आंदोलनों में भी सक्रिय रहे हैं, अब राजशाही की मांग को लेकर मुखर हैं। उन्होंने कहा,
"हमें नेपाल में फिर से राजा का शासन चाहिए। इसके लिए मरने और मारने के लिए भी तैयार हैं। 2005 में जब लोकतंत्र के लिए आंदोलन हुआ था, तब मैं भी उसमें शामिल था। अब राजशाही के लिए आंदोलन कर रहा हूं क्योंकि मुझे लगता है कि जब नेपाल हिंदू राष्ट्र और राजशाही वाला देश था, तब लोग ज्यादा खुश और संतुष्ट थे।"

लोगों में बंटी राय:

रिपोर्ट के मुताबिक, इस आंदोलन को लेकर नेपाली समाज में राय बंटी हुई है। कुछ लोग मानते हैं कि लोकतंत्र के आने के बाद अपेक्षित विकास नहीं हुआ, भ्रष्टाचार और अस्थिरता बढ़ी है। वहीं, एक वर्ग ऐसा भी है जो आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्था के पक्ष में है।

राजनीतिक विश्लेषण:
विशेषज्ञों का मानना है कि लोगों का मोहभंग लोकतांत्रिक शासन से हो रहा है। बेरोजगारी, बढ़ता भ्रष्टाचार और कमजोर प्रशासनिक ढांचा इस असंतोष के प्रमुख कारण हैं। आंदोलन धीरे-धीरे जन समर्थन हासिल करता दिख रहा है, जिससे नेपाल की राजनीति में एक नया मोड़ आने की संभावना बन गई है।

निष्कर्ष:
राजशाही बनाम लोकतंत्र की यह बहस अब सिर्फ राजनीतिक गलियारों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आम जनता के बीच भी गूंजने लगी है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन नेपाल के भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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