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दुर्ग - भिलाई और भी
उपेक्षा की राजनीति भाजपा की परंपरा नही बननी चाहिए -
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 28 सितम्बर 2024,  06:57 PM IST
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दुर्ग शहरी और दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में बराबर लोकप्रिय होने के कारण उनका कद बढ़ता गया। मुख्यमंत्री सहित बड़े भाजपा नेताओं ने उनमें प्रादेशिक स्तर के बड़े नेता बनने की संभावना देखी। भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय कायकर्ताओं का कहना है कि उपेक्षा की राजनीति भाजपा की परंपरा नही बननी चाहिए।
दुर्ग। राजनीति में कल के मित्र आज के शत्रु बन जाते हैं। संघर्ष के दिनों के साथी सत्ता मिलने पर अदावत पर उतर आते है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कल अपने दुर्ग प्रवास के दौरान शहर को 22 करोड़ रु के विकास कार्यों का सौगात दिया। दुर्ग शहर में मुख्यमंत्री का बड़ा कार्यक्रम था। भाजपा के तमाम बड़े नेता कार्यक्रम में मौजूद रहे। पर पूरे कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर नजर नहीं आए। स्वयं मुख्यमंत्री श्री साय ने पूछा कि विधायक ललित चंद्राकर कहां है। पत्रकारों के मन में भी यह सवाल उठा। इस पर विधायक ललित चंद्राकर ने बताया कि वे अपने दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र के एक कार्यक्रम में व्यस्त थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उन्होंने शाम को सर्किट हाउस में मुलाकात किया। बहरहाल, राजनीतिक घटनाक्रम के पीछे राजनीतिक प्रेक्षक बताते हैं कि पिछले 11 महीने की भाजपा सरकार में विधायक ललित चंद्राकर का प्रदर्शन सबसे ज्यादा दमदार रहा है। अभी हाल में ही उन्हें पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाकर केबिनेट का दर्जा दिया गया है। साढ़े तीन दशकों से भारतीय जनता पार्टी के लिए संघर्ष का उन्हें फल मिला है। इसी संघर्षशीलता और समर्पण से साय सरकार में उनका कद बढ़ता गया। जमीन से उठे नेता ललित चंद्राकर आज भाजपा में पिछड़ा वर्ग के चेहरे बन गए हैं। पार्टी और अपने विधानसभा क्षेत्र में काफी लोकप्रिय विधायक हैं। दुर्ग ग्रामीण सीट पर उनके पहले विधायक ताम्रध्वज साहू इस राज्य के गृहमंत्री थे। तब दुर्ग शहरी सीट पर अरुण वोरा विधायक थे। उस समय इन दोनो नेताओं में गहरा तालमेल रहता था। इसलिए उनका राज भी अच्छा चला। अभी दोनो सीट में विधायक बदल गए हैं। और साथ में डिप्लोमेसी भी बदल गए हैं। कल के कार्यक्रम में विधायक ललित चंद्राकर को वह सम्मान नही मिला, जिनका वे हकदार हैं। ललित चंद्राकर भले ही दुर्ग ग्रामीण से विधायक हैं, पर शहरी बेल्ट में भी उनकी अच्छी सामाजिक जनाधार है। दुर्ग शहरी और दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में बराबर लोकप्रिय होने के कारण उनका कद बढ़ता गया। मुख्यमंत्री सहित बड़े भाजपा नेताओं ने उनमें प्रादेशिक स्तर के बड़े नेता बनने की संभावना देखी। भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय कायकर्ताओं का कहना है कि उपेक्षा की राजनीति भाजपा की परंपरा नही बननी चाहिए। -जुगलबंदी रही तो तेजी से होगा विकास.. दुर्ग शहरी और ग्रामीण इन दोनो सीटो के विधायक गजेंद्र यादव और ललित चंद्राकर पार्टी के नए युवा विधायक है।दोनो के सही जुगलबंदी रही तो दुर्ग के इन दोनो क्षेत्रों को तेजी से विकसित किया जा सकेगा। रमन सरकार जाने के बाद कोई बड़ा प्रोजेक्ट यहां नही आया है। दुर्ग ग्रामीण का बड़ा क्षेत्र रिसाली का शहरी बेल्ट है।

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