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पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग की तकनीकी-विशेषज्ञ टीम की निगरानी में भोरमदेव मंदिर का किया जा रहा केमिकल ट्रीटमेंट, सुदृढ़ीकरण कार्य
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 28 सितम्बर 2024,  06:57 PM IST
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मुख्यमंत्री के मंशानुरूप छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक, पुरातात्विक, पर्यटन स्थल को सहजने और संवारने का किया जा रहा है विशेष प्रयास:- उपमुख्य विजय शर्मा
मुख्यमंत्री के मंशानुरूप छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक, पुरातात्विक, पर्यटन स्थल को सहजने और संवारने का किया जा रहा है विशेष प्रयास:- उपमुख्य विजय शर्मा -उप मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से भोरमदेव मंदिर के सुदृढ़ीकरण कार्य के लिए मिली स्वीकृत कवर्धा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक, पुरातात्विक, पर्यटन स्थल को सहजने और संवारने का विशेष प्रयास किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के कवर्धा में स्थापित 11वीं शताब्दी की प्राचीन, ऐतिहासिक, पुरातात्तविक एवं जनआस्था से जुडे़ स्थल भोरमदेव मंदिर की केमिकल ट्रीटमेंट वाटर रूफिंग कार्य किया जा रहा है। मंदिर के सुदृढ़ीकरण कार्य के लिए 65 लाख 51 हजार रुपए स्वीकृत किया गया था। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा के विशेष प्रयासों से राज्य शासन द्वारा इसके लिए द्वितीय किश्त की राशि 21 लाख 67 हजार रुपए स्वीकृत प्रदान की गई है। पूर्व में प्रथम किस्त में 32 लाख 80 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी। मंदिर का सुदृढ़ीकरण एवं अन्य तकनीकी कार्य पुरात्तव एवं संस्कृति विभाग की विषय-विशेषज्ञ एवं कुशल कामगारों द्वारा प्रारंभ किया गया है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने विगत दिवस अपने निवास कार्यालय में संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग तथा जिले के गणमान्य नागरिकों एवं पुजारी के साथ भोरमदेव मंदिर के जीर्णोद्धार के संबंध में बैठक ली थी। बैठक में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को बढ़ाने और मंदिर परिसर के विकास के विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री ने बरसात के दिनों में पानी रिसाव की समस्या को दूर करने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए थे। उन्होंने भोरमदेव महोत्सव से पहले वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्य और ट्रीटमेंट को पूरा करने के निर्देश दिए है। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए शेड का निर्माण, चौकीदार क्वाटर को मंदिर के पास से अन्यत्र शिफ्ट करने तथा मंदिर के पीछे वीआईपी रूम बनाने इसके अलावा मंदिर के पीछे और वीआईपी रूम के बीच की दीवाल को हटाकर ग्रील और गेट लगाने, भैरव मंदिर, चामुंडा माता मंदिर और हनुमान मंदिर आदि के पारंपरिक स्वरूप बरकरार रखने जे निर्देश दिए थे। प्राचीन भोरमदेव मंदिर को मजबूत एवं संरक्षित के लिए तकनीकी रूप से कार्य किया जा रहा है। इसके लिए चरणबद्ध और पुरात्तव विभाग के सुरक्षा मानकों के अनुरूप कार्य किए जा रहे है। इस कार्य को पुरातत्व विभाग के मार्गदर्शन में कार्य करा रहे है। सभी सुदृढ़ीकरण एवं मरम्मत कार्य मंदिर को बिना क्षति किए विशेष देखरेख में किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर अधिकारीयों द्वारा लगातार कार्यों मंदिर में चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया जा रहा है। भोरमदेव मंदिर कबीरधाम जिले ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश में ऐतिहासिक, पुरातात्तविक एवं जनआस्था के केद्र के रूप में इसकी एक विशिष्ठ पहचान है।

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