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  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 26 अप्रैल 2025,  02:29 PM IST
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मुख्यमंत्री मोहन यादव गुरुवार (24 अप्रैल) को उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा की। इउन्होंने सेमेस्टर प्रणाली को जारी रखने पर जोर दिया। कहा, इससे छात्रों को बिना किसी व्यवधान के अपनी शिक्षा पूरी करने में मदद मिलेगी।

मध्य प्रदेश सरकार हायर एजुकेशन में गुणवत्ता सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी सरकारी कॉलेजों को दो शिफ्ट में संचालित करने के निर्देश दिए हैं। कहा, सभी कॉलेजों के लिए राज्य स्तर पर ग्रेडिंग की जाएगी। 

मुख्यमंत्री मोहन यादव गुरुवार (24 अप्रैल) को सीएम हाउस में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने सेमेस्टर प्रणाली को जारी रखने पर जोर दिया। कहा, इससे छात्रों को बिना किसी व्यवधान के अपनी शिक्षा पूरी करने में मदद मिलेगी। छात्रों की जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रत्येक संभाग में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।

 

बैठक में मौजूद उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि अब छात्रों की दैनिक उपस्थिति उनके क्रेडिट स्कोर से जुड़ी होगी। इस कदम से छात्रों की उपस्थिति में सुधार हो रहा है।

CM मोहन यादव की मुख्य घोषणाएं 

  • तीन श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे। इनमें सर्वश्रेष्ठ कॉलेज, सर्वश्रेष्ठ प्रिंसिपल और सर्वश्रेष्ठ शिक्षक।
  • युवाओं को मार्गदर्शन और प्रेरणा देने 'ज्ञान महाकुंभ' नाम से मेगा इवेंट होगा। 
  • प्रत्येक कॉलेज साल में कम से कम एक बार शीर्ष वैज्ञानिकों को आमंत्रित करेगा। ताकि, सेमिनार और ग्रुप डिस्कशन के जरिए छात्रों से बातचीत कर सकें।
  • कॉलेज का शैक्षिणक गुणवत्ता और युवाओं के बौद्धिक में सुधार के लिए विभिन्न गतिविधियों होंगी। इनमें छात्रों को भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। 
  • प्रदेशभर में सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताओं का आयोजन हो
  • जनजातीय क्षेत्रों में अधिक महाविद्यालय खोले जाएं
  • बीएससी एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम को अधिक महाविद्यालयों में लागू किया जाए
  • शासकीय विश्वविद्यालयों में प्राध्यापकों की भर्ती एमपीपीएससी के जरिए की जाए

MP कॉलेज में स्थापित होंगे शोध केंद्र

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा को मजबूत करने और शोध को बढ़ावा देने कई महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की है। अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कॉलेजों में शोध केंद्र स्थापित करें। ताकि शोध कार्य को बढ़ावा मिले और भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों पर आधारित रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।
  • मुख्यमंत्री ने कहा, छात्रों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी में गहरी समझ हासिल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अधिक मांग वाले क्षेत्रों, खासकर आदिवासी क्षेत्रों में अधिक कॉलेज खोले जाएं।

37 कॉलेज में 1,200 छात्र
मध्य प्रदेश के 55 जिलों में प्रधानमंत्री एक्सीलेंस कॉलेज संचालित हैं। इनमें से 37 कॉलेज और 5 विश्वविद्यालय सात प्रकार के रोजगारोन्मुखी डिग्री और डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं। इन कार्यक्रमों में लगभग 1,200 छात्र नामांकित हैं।


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