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अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों पनाहगाह आलीशान फार्महाउस सहित अवैध कॉलोनियां जमींदोज, हाईकोर्ट पहुंचे लोग
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 29 अप्रैल 2025,  08:26 PM IST
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अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों पनाहगाह आलीशान फार्महाउस सहित अवैध कॉलोनियां जमींदोज, हाईकोर्ट पहुंचे लोग

अहमदाबाद में मंगलवार सुबह-सुबह उस वक्त हलचल मच गई जब नगर निगम (AMC) और पुलिस प्रशासन ने मिलकर चंडोला तालाब पर बने अवैध निर्माणों को ढहाने के लिए 50 से ज्यादा बुलडोजर भेज दिए। इस कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोका जा सके।

प्रशासन ने की बड़ी कार्रवाई
बताया जा रहा है कि लल्लू बिहारी नामक व्यक्ति ने तालाब के ऊपर आलीशान फार्महाउस बना रखा था, जहां कथित तौर पर अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को पनाह दी जाती थी। हाल ही में यहां से 1,000 से ज्यादा संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया था। इसको लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की शुरुआत की।

 

50 जेसीबी और 2,000 पुलिसकर्मी तैनात
ज्वाइंट सीपी (क्राइम) शरद सिंघल ने बताया कि यह इलाका 'सियासतनगर बंगाल वास' के नाम से जाना जाता था, जहां बांग्लादेशी नागरिक बड़ी संख्या में रहते थे। AMC के सर्वे में पाया गया कि यह पूरा क्षेत्र अवैध निर्माण से भरा हुआ था, जिसे अब ध्वस्त किया जा रहा है। इस पूरे ऑपरेशन में 50 जेसीबी और करीब 2,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इससे पहले भी 2009 में यहां कार्रवाई हुई थी, लेकिन उसके बाद दोबारा मिट्टी भरकर कब्जा कर लिया गया था।

 

हाईकोर्ट में सुनवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने AMC की इस कार्रवाई के खिलाफ गुजरात हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने नगर निगम की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग करते हुए तत्काल सुनवाई की अपील की है।

6,500 संदिग्ध बांग्लादेशी हिरासत में
पुलिस महानिदेशक विकास सहाय ने जानकारी दी कि अहमदाबाद और सूरत में चले तलाशी अभियान के बाद पूरे गुजरात में एक विशेष ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान करीब 6,500 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। इनमें से 450 लोगों की पहचान कन्फर्म हो चुकी है कि वे अवैध रूप से भारत में रह रहे थे।

उन्होंने बताया कि डॉक्युमेंट्स और तकनीकी सबूतों के आधार पर बाकी हिरासत में लिए गए लोगों की भी जांच जारी है। एक बार जब उनकी पहचान पक्की हो जाएगी, तो बीएसएफ और केंद्र सरकार के सहयोग से उनके निर्वासन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


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