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जनसेवा ही सर्वोपरि, सुशासन का मूल मंत्र है संवेदनशीलता और गुणवत्ता” – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 31 मई 2025,  10:05 AM IST
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जनसेवा ही सर्वोपरि, सुशासन का मूल मंत्र है संवेदनशीलता और गुणवत्ता” – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

कोंडागांव में संभागीय समीक्षा बैठक, बस्तर क्षेत्र के विकास को लेकर दिए निर्देश
ज्वाला एक्सप्रेस न्यूज | रायपुर ब्यूरो

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार का मूल उद्देश्य जनसेवा और सुशासन सुनिश्चित करना है। इसके लिए जरूरी है कि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी सजग, संवेदनशील और तत्पर रहे। वे कोंडागांव कलेक्टर कार्यालय में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में कोंडागांव, बस्तर और सुकमा जिलों के कार्यों की गहन समीक्षा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि "सुशासन तिहार" के माध्यम से सरकार यह जानना चाहती है कि बीते डेढ़ वर्ष में धरातल पर कितनी प्रगति हुई और जनता की असल राय क्या है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनसुविधाओं की उपलब्धता, समस्याओं का त्वरित समाधान और सेवाओं की गुणवत्ता ही सुशासन का आधार है।

वनोपज आधारित रोजगार पर विशेष बल

मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र की वानिकी आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने पर जोर देते हुए कहा कि इमली और रेशम कोकून जैसे उत्पादों पर विशेष रणनीति के तहत वैल्यू एडिशन किया जाए। साथ ही रेशम उत्पादन, मधुमक्खी पालन और लाख व्यवसाय को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाए।

स्थानीय उत्पादों को पहचान और बाजार

मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं का प्रचार-प्रसार और मार्केटिंग कर व्यापारिक गतिविधियों को गति दी जाए। जैविक सुगंधित धान और मक्का की उन्नत खेती को भी बढ़ावा देने को कहा गया है।

उज्ज्वला योजना और राजस्व मामलों में तेजी

उज्ज्वला योजना में मिले भारी संख्या में आवेदनों को देखते हुए उन्होंने गैस रिफिलिंग प्रतिशत बढ़ाने और सब्सिडी के प्रचार के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही सीमांकन और अन्य राजस्व मामलों को 15 जून तक निराकरण की समय-सीमा तय की गई।

प्रधानमंत्री आवास योजना और कौशल प्रशिक्षण

कोंडागांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के लंबित आवासों की संख्या पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। राजमिस्त्री की कमी को देखते हुए स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण देकर दक्षता विकसित करने का सुझाव दिया। बीजापुर में आत्मसमर्पित माओवादियों को राजमिस्त्री प्रशिक्षण देने की पहल की सराहना करते हुए उन्होंने इसे अन्य जिलों में भी लागू करने को कहा।

सड़क विकास कार्यों की समीक्षा

राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में हो रही देरी पर भी मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई और कहा कि फॉरेस्ट क्लियरेंस, मुआवजा वितरण और रिटेंडर प्रक्रियाएं जल्द से जल्द पूरी की जाएं ताकि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा सके।

बैठक में उपस्थित

बैठक में बस्तर सांसद महेश कश्यप, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, सचिव डॉ. बसवराजू एस., कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., तीनों जिलों के कलेक्टर, एसपी, सीईओ, वनमंडलाधिकारी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

(ज्वाला एक्सप्रेस न्यूज | छत्तीसगढ़ डेस्क)


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