• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
रायपुर और भी
योग मानवता को भारत की अमूल्य देन है: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 21 जून 2025,  10:23 AM IST
  • 750
योग मानवता को भारत की अमूल्य देन है: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर प्रवास के दौरान कुनकुरी रेस्ट हाउस में आमजन से आत्मीय चर्चा करते हुए कहा कि योग मानवता को भारत की अमूल्य देन है। योग हमारे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हर बीमारी के इलाज के लिए योग में कोई न कोई उपयोगी आसन अवश्य है। यदि हम नियमित रूप से योग करें तो बीमारियों से बच सकते हैं और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि योग को हमें अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि यह शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन प्रदान करने वाली एक सम्पूर्ण जीवनशैली है। उन्होंने कहा कि यदि हम प्रतिदिन थोड़ा समय योग को दें, तो दीर्घकालीन स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि हम सभी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आभारी हैं, जिन्होंने योग को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई। प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से आज पूरी दुनिया योग की महत्ता को समझ रही है। संयुक्त राष्ट्र संघ में प्रधानमंत्री जी द्वारा योग दिवस का प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने के बाद, 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें आम नागरिकों से लेकर अधिकारी-कर्मचारी तक उत्साहपूर्वक भाग लेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि योग आज विश्व के सभी देशों में जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है और इसका श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व को जाता है। उन्होंने कहा कि विश्व के 190 से अधिक देशों में इस दिन योग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो भारत की सांस्कृतिक शक्ति और जीवनदायिनी परंपरा की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है।

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

Add Comment


Add Comment

RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg
RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg





Get Newspresso, our morning newsletter