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छत्तीसगढ़ के खेल सितारे पहुंच रहे हैं, मैदान से मेडल तक आलेख-हीरा देवांगन संयुक्त संचालक
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 26 जून 2025,  07:40 PM IST
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छत्तीसगढ़ के खेल सितारे पहुंच रहे हैं, मैदान से मेडल तक आलेख-हीरा देवांगन संयुक्त संचालक

*विशेष लेख*

  छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचना और खिलाड़ियों को दिए जा रहे प्रोत्साहन की बदौलत देश के खेल क्षितिज में छत्तीसगढ़ का नाम तेजी से उभर रहा है, इसके चलते नए-नए खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपना जौहर दिखा रहे हैं। राज्य के खिलाड़ियों को मैदानों से निकलकर मेडल तक का सफर तय करने में अब कम वक्त लग रहा है। इसका हालिया उदाहरण बैडमिंटन में आकर्षी कश्यप का है, जिन्होंने अपनी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चमक बिखेरी है। छत्तीसगढ़ में उपलब्ध सुविधाओं को देखते हुए बीसीसीआई ने दो अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैंच के आयोजन की घोषणा की है। पहली बार नवा रायपुर स्थित अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में दो महीने के भीतर दिसंबर एवं जनवरी माह में भारत दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के विरूद्ध अंतर्राष्ट्रीय वन डे एवं टी-20 मैच खेलेगी।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता को 3 करोड़ रूपए, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ रूपए और कास्य पदक विजेता को 1 करोड़ रूपए दिए जाने की घोषणा की है। एक समय में क्रिकेट में राजेश चौहान, हॉकी में सबा अंजुम सहित अनेक खिलाड़ियों ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई थी। इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान में क्रिकेट में शशांक सिंह और अमनदीप तथा हॉकी में रेणुका यादव, जैसे चमकते सितारे छत्तीसगढ़ से हैं। राज्य में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट स्टेडियम, हॉकी स्टेडियम, स्विमिंग पुल जैसी सुविधा उपलब्ध है तथा बैडमिंटन अकादमी निर्माणाधीन है।

 

 केंद्र सरकार की खेलो इंडिया और स्पोर्टस ऑथारिटी ऑफ इंडिया के साथ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए प्रदेश में एक मज़बूत ढांचा खड़ा किया जा रहा है। रायपुर स्थित तीरंदाजी और बालिका हॉकी अकादमी में 80 खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण, आवास, भोजन और शिक्षा की सुविधा दी जा रही है। गैर-आवासीय अकादमियों में 130 से अधिक खिलाड़ी विभिन्न खेलों में प्रशिक्षण ले रहे हैं। बिलासपुर स्थित बहतराई केंद्र को भारत सरकार द्वारा स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा दिया गया है, जहां 180 खिलाड़ी हॉकी, एथलेटिक्स, तीरंदाजी और कबड्डी में अभ्यासरत हैं। साथ ही, शिवतराई स्थित उपकेंद्र में 45 खिलाड़ी तीरंदाजी की बारीकियाँ सीख रहे हैं।

 

 राष्ट्रीय स्तर पर भी छत्तीसगढ़ की चमक बढ़ी है। खेलो इंडिया यूथ गेम्स और पैरा गेम्स में प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। 2024 में तमिलनाडु में हुए 6वें खेलो इंडिया यूथ गेम्स में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने 7 पदक जीते। दिल्ली में हुए पहले खेलो इंडिया पैरा गेम्स में 7 पैरा-खिलाड़ियों ने 5 पदक जीते। बिहार में 2025 में हुए खेलो इंडिया यूथ गेम्स में प्रदेश के खिलाड़ियों ने 14 पदक छत्तीसगढ़ के नाम किए। गोवा में आयोजित 37वें नेशनल गेम्स में 72 खिलाड़ियों ने भाग लेकर 25 पदक जीते, जबकि उत्तराखंड में हुए 38वें नेशनल गेम्स में 58 खिलाड़ियों ने 16 पदक अर्जित किए। 

 

 छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खेल अधोसंरचना को बढ़ाने के लिए रायगढ़ और कुनकुरी में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की स्वीकृति दी गई है। बलौदाबाजार में 14 करोड़ रुपये के इंडोर स्टेडियम और नवा रायपुर में स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का कार्य जारी है। तिल्दा-नेवरा, मोपका में बहुद््देशीय हॉल और बलौदाबाजार में 8-लेन सिंथेटिक ट्रैक बन रहे हैं, जो खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधा देंगे। ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने के लिये प्रदेश के सभी 33 जिलों में खेलो इंडिया लघु केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों में हॉकी, तीरंदाजी, मलखंभ, कुश्ती और फुटबॉल जैसे खेलों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बस्तर ओलंपिक में सात जिलों के 1.65 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया।

 प्रदेश सरकार द्वारा लंबे समय से लंबित खेल पुरस्कारों का वितरण कर प्रतिभाओं को उनका हक प्रदान किया। 230 खिलाड़ियों को प्रतिष्ठित खेल सम्मानों से नवाजा गया, जिनमें शहीद राजीव पांडेय, शहीद कौशल यादव, वीर हनुमान सिंह, शहीद पंकज विक्रम एवं शहीद विनोद चौबे सम्मान शामिल है। इसके अतिरिक्त पदक विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार देकर खिलाड़ियों की प्रतिभा और मेहनत का सम्मान किया गया। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर वर्ष 2024-25 के गुण्डाधुर सम्मान, महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान से एक-एक खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।

 छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों का सम्मान, अधोसंरचना का विकास, ग्रामीण प्रतिभाओं को तराशने और बस्तर क्षेत्र में खेल आयोजन से प्रदेश को खेलों के क्षेत्र में एक नई उंचाई दी है। इससे भविष्य में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय और वैश्विक खेल मानचित्र पर चमकेगा।

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