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खनिज आधारित उद्योगों से राज्य के विकास को मिलेगी नई गति: खनिज सचिव पी. दयानंद
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 1 जुलाई 2025,  08:15 PM IST
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खनिज आधारित उद्योगों से राज्य के विकास को मिलेगी नई गति: खनिज सचिव पी. दयानंद

*चूना पत्थर, लौह अयस्क और बॉक्साइट खनिज ब्लॉकों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू*

*200 मिलियन टन से अधिक सीमेंट ग्रेड चूना पत्थर की नीलामी के लिए प्री-बिड सम्मेलन में शामिल हुए निवेशक*

रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए चूना पत्थर, लौह अयस्क और बॉक्साइट खनिज के नए ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इसी क्रम में आज नवा रायपुर अटल नगर में निवेशकों के लिए प्री-बिड सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस प्री-बिड सम्मेलन का उद्देश्य राज्य की समृद्ध खनिज संपदा को औद्योगिक निवेश के लिए उपलब्ध कराना, स्थानीय विकास को बढ़ावा देना तथा पारदर्शी ई-नीलामी प्रणाली के माध्यम से निवेशकों को आकर्षित करना है।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमत्री के सचिव एवं खनिज सचिव श्री पी. दयानंद ने कहा कि हमें नई औद्योगिक नीति के अनुरूप खनिज क्षेत्र के विकास के साथ ‘विकसित भारत, विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को साकार करना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खनिज नीति और नई उद्योग नीति से खनिज आधारित उद्योगों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। राज्य में खनिज आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए भरपूर संभावनाएं हैं।

खनिज सचिव श्री पी. दयानंद ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का ऐसा राज्य है, जहां कोयला, चूना पत्थर, डोलोमाइट, लौह अयस्क, बॉक्साइट, टिन, लीथियम, कोबाल्ट तथा रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे 28 से अधिक प्रमुख खनिजों की भरपूर उपलब्धता है। छत्तीसगढ़ में अब तक 51 खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी हो चुकी है और आने वाले समय में इस संख्या को और आगे बढ़ाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा गठित स्पेशल टास्क फोर्स के माध्यम से विभिन्न खनिज समूहों के लिए अनुसंधान किया जा रहा है। इसके साथ ही सोनाखान भवन में एक ड्रिल कोर लाइब्रेरी स्थापित की जा रही है, ताकि अन्वेषण की गुणवत्ता और सटीकता को सुदृढ़ किया जा सके।

खनिज सचिव श्री दयानंद ने यह भी बताया कि डीजीएम द्वारा चयनित कुल 9 खनिज ब्लॉकों की नीलामी की जा रही है, जिनमें 4 चूना पत्थर, 2 लौह अयस्क और 3 बॉक्साइट ब्लॉक शामिल हैं। इन ब्लॉकों में उपलब्ध संसाधनों का वाणिज्यिक दोहन निवेशकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकता है। चूना पत्थर के 200 मिलियन टन से अधिक भंडार बलौदाबाजार, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में स्थित हैं, जिनमें औसतन 42 प्रतिशत से अधिक कैल्शियम ऑक्साइड की मात्रा आंकी गई है। उन्होंने निवेशकों से आग्रह किया कि वे इन ब्लॉकों को एक आकर्षक औद्योगिक अवसर के रूप में देखें और छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीतियों का लाभ उठाएं। राज्य सरकार निवेशकों को हरसंभव सहयोग, पारदर्शिता और समयबद्ध अनुमतियां सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

खनिज विभाग के संचालक श्री रजत बंसल ने ई-नीलामी प्रणाली की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि निविदा पोर्टल पर सभी खनिज ब्लॉकों से संबंधित विवरण उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित क्षेत्रों में रेलवे और सड़क जैसे मजबूत आधारभूत ढांचे के साथ स्थानीय श्रमशक्ति भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, जिससे उद्योगों की स्थापना सुगम और आर्थिक रूप से व्यावहारिक होगी। प्रति वर्ष 3-4 मिलियन टन उत्पादन क्षमता वाले उद्योगों की स्थापना की संभावना के साथ इन क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर व्यापक रोजगार सृजन होगा।

इस अवसर पर कार्यक्रम में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के उप महानिदेशक श्री अमित धारवाड़कर, संयुक्त संचालक श्री अनुराग दीवान, श्री संजय कनकाने सहित विभिन्न निवेशक, औद्योगिक प्रतिनिधि, भूवैज्ञानिक एवं तकनीकी विशेषज्ञ तथा खनिज एवं उद्योग विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।


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