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प्रेम प्रसंग के शक में हत्या: रतलाम में युवक को खंभे से बांधा, सिर मुंडवाया और पीट-पीटकर मार डाला
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 26 जुलाई 2025,  06:38 PM IST
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रतलाम के मेवासा गांव में प्रेम प्रसंग के शक में 19 वर्षीय आदिवासी युवक आयुष मालवीय की बेरहमी से हत्या कर दी गई। युवक को खंभे से बांधकर पीटा गया। जातीय तनाव को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। जिले के नामली थाना क्षेत्र के मेवासा गांव में आदिवासी समुदाय के युवक को पहले खंभे से बांधा और फिर सिर मुंडवाकर बेरहमी से पीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। मृत युवक की पहचान 19 वर्षीय आयुष मालवीय के रूप में हुई है, जो कांडरवासा गांव का निवासी था।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, आयुष अपनी कथित प्रेमिका से मिलने के लिए मेवासा गांव पहुंचा, लेकिन प्रेमिका के परिजनों और अन्य ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया। आरोपियों ने पहले उसे खंभे से बांधा, सिर मुंडवाया और फिर लाठी-डंडों से पिटाई करते हुए उसकी जान ले ली। आयुष का शव शनिवार को गांव में बरामद हुआ। पुलिस ने लड़की के पिता, भाई सहित 4 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।

पुलिस की कार्रवाई

हत्या के बाद क्षेत्र में तनाव का महौल है। पुलिस ने शांति बनाए रखने गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया है। साथ ही हत्या का मामला दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या प्रेम प्रसंग से जुड़ी रंजिश के चलते की गई थी। आरोपी शुरुआत में भैंस चोरी की कहानी बनाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सख्ती से पूछताछ के बाद उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया है।

पीड़ित परिवार का आरोप

मृतक आयुष के परिजनों ने घटना को जातिगत नफरत और सोची-समझी साजिश बताया है। उनका कहना है कि सिर्फ आदिवासी होने के कारण उनके बेटे को इतनी बेरहमी से मारा गया। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से न्याय की गुहार लगाई है।

शव रखकर फोरलेन पर जाम लगाया

घटना को लेकर गामीणों में आक्रोश है। शनिवार सुबह फोरलेन पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारी आरोपियों का जुलूस निकालने और मृतक के परिवार को एक करोड़ आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने की मांग कर रहे थे। फिलहाल, अधिकारियों के आश्वासन पर उन्होंने प्रदर्शन समाप्त कर दिया है।

सामाजिक तनाव की आशंका

सूत्रों के मुताबिक आरोपी राजपूत समाज से हैं, जबकि मृतक आदिवासी समाज से था, जिस कारण मामले ने सामाजिक तनाव का रूप ले लिया है। पुलिस पूरी सतर्कता बरत रही है ताकि कोई सांप्रदायिक या जातीय संघर्ष न हो।


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