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CGMSC घोटाला...दुर्ग-बिलासपुर में ED की छापेमारी
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 30 जुलाई 2025,  08:32 PM IST
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CGMSC घोटाला...दुर्ग-बिलासपुर में ED की छापेमारी:मोक्षित-कॉर्पोरेशन के ठिकानों पर रेड, कमलकांत के घर पर 10 घंटे पूछताछ, मोबाइल और दस्तावेज लेकर गई टीम

छत्तीसगढ़ के दुर्ग और बिलासपुर जिले में ED की टीम ने 411 करोड़ के CGMSC घोटाला केस में एक साथ छापेमारी की। ED ने दुर्ग के मोक्षित कॉर्पोरेशन के 3 आवासीय परिसरों और ऑफिस में एक साथ छापेमारी की। फर्म से जुड़े सिद्धार्थ, शशांक और शरद चोपड़ा तीनों के आवास पर कार्रवाई की।

बताया जा रहा है कि दुर्ग के मोक्षित कॉर्पोरेशन के बंगले के बाहर अधिकारियों की 6-7 गाड़ियां भी खड़ी थी, जिसमें 24 से ज्यादा अधिकारियों की टीम शामिल थी। वहीं ED की टीम ने बिलासपुर में कमलकांत पाटनवार के घर पर छापेमारी की।

दुर्ग में 6 से 7 गाड़ियों में सवार होकर दो दर्जन से ज्यादा ED के अधिकारी पहुंचे हैं।

दुर्ग में 6 से 7 गाड़ियों में सवार होकर दो दर्जन से ज्यादा ED के अधिकारी पहुंचे हैं।

बिलासपुर में कमलकांत पाटनवार के घर पर छापेमारी की।

बिलासपुर में कमलकांत पाटनवार के घर पर छापेमारी की।

फोन और दस्तावेज साथ ले गई ED

इस दौरान ईडी के 12 अधिकारियों की टीम ने उपकरण महाप्रबंधक केके के घर पर परिजनों से 10 घंटे से ज़्यादा समय तक पूछताछ की। ईडी की टीम ने केके के परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन और कई अहम दस्तावेज़ भी ज़ब्त किए हैं, जिन्हें वे अपने साथ ले गए हैं।

6 महीने पहले भी पड़ा था छापा

बता दें कि मोक्षित कॉर्पोरेशन सरकारी मेडिकल एंजेसियों में दवा और इक्विपमेंट सप्लाई करती है। जानकारी के मुताबिक, करीब 6 महीने पहले इस फर्म में पहले भी ACB और EOW के छापे पड़े थे, तब मोक्षित कॉर्पोरेशन चर्चा में आया था।

मोक्षित कॉर्पोरेशन के 3 आवासीय परिसरों और ऑफिस में एक साथ छापेमारी की गई है।

मोक्षित कॉर्पोरेशन के 3 आवासीय परिसरों और ऑफिस में एक साथ छापेमारी की गई है।

जानिए कैसे खुला CGMSC घोटाले का राज ?

दरअसल, दिसंबर 2024 में पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने दिल्ली में PMO, केंद्रीय गृहमंत्री कार्यालय, CBI और ED मुख्यालय जाकर CGMSC में घोटाले की शिकायत की थी। ननकीराम कंवर की शिकायत के बाद केंद्र से EOW को निर्देश मिला। इसके बाद EOW की टीम ने 5 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की।

छत्तीसगढ़ CGMSC घोटाले में अधिकारियों और कारोबारियों ने सरकार को 411 करोड़ रुपए का कर्जदार बना दिया है। IAS, IFS समेत अफसरों ने मिलीभगत कर सिर्फ 27 दिनों में 750 करोड़ रुपए की खरीदी कर ली।

CGMSC के अधिकारी, मोक्षित कार्पोरेशन, रिकॉर्ड्स एवं मेडिकेयर सिस्टम, श्री शारदा इंडस्ट्रीज और सीबी कार्पोरेशन ने 8 रुपए में मिलने वाला EDTA ट्यूब 2,352 रुपए और 5 लाख वाली CBS मशीन 17 लाख में खरीदी। मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन ने 300 करोड़ रुपए के रीएजेंट भी खरीदे।


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