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बांस-कपड़ों से जुगाड़ बनाकर, कंधे पर लादकर, ग्रामीणों ने गर्भवती को अस्पताल पहुंचाया
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 6 अगस्त 2025,  09:18 PM IST
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बांस-कपड़ों से जुगाड़ बनाकर, कंधे पर लादकर, ग्रामीणों ने गर्भवती को अस्पताल पहुंचाया

बास्तानार की यह तस्वीर समूचे सिस्टम पर सवालिया निशान लगाती है
जगदलपुर।
 बस्तर जिले के बास्तानार ब्लॉक के बड़े बोदेनार गांव की यह तस्वीर एक बार फिर पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करती है, जहां बड़े बोदेनार की लच्छो नाम की गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हुई, परिवार ने तत्काल 102 महतारी एक्सप्रेस को कॉल किया। एंबुलेंस समय पर रवाना भी हुई, लेकिन रास्ते में उफनती नदी ने उसे अस्पताल तक पहुंचने से रोक दिया। तब ग्रामीणों ने तत्काल बांस और कपड़ों से जुगाड़ बनाया, लच्छो को उसमें बैठाया और जान जोखिम में डालकर कंधों में उठाकर उफनती नदी को पार किया, गनीमत रही कि नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक नहीं था। किसी तरह ग्रामीण एंबुलेंस तक पहुंचे और फिर लच्छो को बड़ेकिलेपाल सीएचसी ले जाया गया, जहां उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।
लच्छो को समय पर उपचार मिलने पर सफल प्रसव हुआ। महिला ने स्वस्थ बच्ची को को जन्म दिया, इस खुशी के मौके पर परिजनों ने 102 महतारी एक्सप्रेस के कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
अंदरूनी पंहुच विहीन ग्रामों की हकीकत
यहां यह उल्लेख करना लाजिमी होगा कि शासन-प्रशासन चाहे जितने भी दावे कर ले, लेकिन बस्तर में आज भी स्वास्थ्य सुविधाओं की असलियत तब सामने आती है, जब अंदरूनी ग्रामों में कोई महिला प्रसव पीड़ा में होती है और समय पर एंबुलेंस भी सड़क के अभाव में गांव तक नहीं पहुंच पाती।  यह घटना सिर्फ एक गांव की नहीं है, बल्कि पूरे बस्तर के अंदरूनी पंहुच विहीन ग्रामों की हकीकत है। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तीन दिवसीय बस्तर संभाग के प्रवास पर हैं, स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेंगे। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि बस्तर की स्वास्थ्य सेवाओं के दृष्टिकोण से मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बस्तर के लिए अच्छा से अच्छा करने का प्रयास किया जाएगा।


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