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बड़े पूंजीपतियों बनाम छोटे फुटकर व्यापारी : इंदिरा मार्केट में व्यापारिक जंग
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 13 सितम्बर 2025,  11:41 AM IST
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बड़े पूंजीपतियों बनाम छोटे फुटकर व्यापारी : इंदिरा मार्केट में व्यापारिक जंग

दुर्ग।नगर निगम क्षेत्र के हृदय स्थल इंदिरा मार्केट में इन दिनों एक अजीब नजारा देखने को मिल रहा है। त्योहारी सीजन आते ही सड़क किनारे फूल–माला, पूजा सामग्री और छोटे–मोटे सामान बेचने वाले गरीब फुटकर व्यापारी अपने रोज़गार के लिए दुकानें सजा रहे हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन्हीं गरीबों के खिलाफ अब शहर के बड़े पूंजीपति व्यापारी खड़े हो गए हैं—जो खुद भी कई जगहों पर सड़क कब्ज़ा करने से पीछे नहीं रहते।

हमारे प्रतिनिधि से बात करते हुए कुछ बड़े व्यापारियों का कहना था कि सड़क पर लगने वाले छोटे व्यापारियों के कारण ग्राहकों का रास्ता रुक जाता है और उनकी दुकानों पर ग्राहक नहीं पहुंच पाते, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित होता है।

वहीं दूसरी ओर छोटे फुटकर व्यापारी अपनी बेबसी जाहिर करते हुए कहते हैं—

"हम लोग कोई स्थायी दुकान नहीं लगाते। त्योहार और सीजन के अनुसार कभी फूल–माला, कभी मूर्ति, कभी राखी, तो कभी पितृपक्ष का सामान बेचकर अपने परिवार का पालन–पोषण करते हैं। हमारी रोज़ी–रोटी इन्हीं कुछ दिनों की कमाई पर टिकी होती है। बड़े व्यापारी महंगी गाड़ियाँ खड़ी करके भी सड़क पर कब्ज़ा करते हैं, लेकिन हमें हटाने की कोशिश की जाती है।"

बाज़ार के कई खरीदारों ने भी खुलकर अपनी राय रखी। उनका कहना है कि सीजनल वस्तुएँ जैसे पूजा–पाठ का सामान, मोतिया, फूल आदि आसानी से फुटकर व्यापारियों से मिल जाते हैं और साथ ही कपड़ा, जूते, गहने जैसे सामान बड़े व्यापारियों से खरीदने की सुविधा भी रहती है। “दोनों के रहने से ही मार्केट पूर्ण लगता है और हमें सभी सामान एक ही जगह मिल जाते हैं, ऐसे में विरोध करना समझ से परे है।”

 

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इंदिरा मार्केट में चल रही यह खींचतान अब केवल व्यवसायिक संघर्ष नहीं रही, बल्कि गरीब और अमीर के बीच जीविका बनाम लाभ की जंग बन गई है। त्योहारी रौनक में यह तकरार किस ओर रुख लेगी, यह देखना बाकी है।

 

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