• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
छत्तीसगढ और भी
ASI पर रिश्वतखोरी का आरोप : कोर्ट में चालान पेश करने के नाम पर मांगे 30 हजार रुपये, महिला ने SP से की शिकायत
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 13 अक्टूबर 2025,  03:24 PM IST
  • 1729
ASI पर रिश्वतखोरी का आरोप : कोर्ट में चालान पेश करने के नाम पर मांगे 30 हजार रुपये, महिला ने SP से की शिकायत

राजनांदगांव। पुलिस पर रिश्वतखोरी का गंभीर आरोप लगा है। एक महिला ने आरोप लगाया है कि थाना में पदस्थ एएसआई (ASI) और एक पुलिसकर्मी ने उसके पति के केस का चालान कोर्ट में पेश करने के नाम पर 30 हजार रुपये की मांग की। महिला ने इसकी लिखित शिकायत एसपी से की है और न्याय की मांग की है। यह मामला बसंतपुर थाना क्षेत्र का है।
लूट के झूठे केस का लगाया आरोप
शिकायतकर्ता महिला के अनुसार, 14 सितंबर को राजनांदगांव के मोहारा बायपास स्थित एक सीमेंट दुकान के पास दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच कुछ लोगों के बीच झगड़ा हुआ था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर झगड़ा कर रहे लोगों को हिरासत में ले लिया, जिसमें उसका पति भी शामिल था। महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जबरदस्ती उसके पति पर लूट का केस दर्ज कर जेल भेज दिया है।

Image after paragraph

रिश्वत मांगने का लगाया आरोप                         महिला ने बताया कि घटना के एक महीने बीत जाने के बाद जब वह बसंतपुर थाना पहुंची, तो वहां पदस्थ एएसआई गोवर्धन देशमुख और एक पुलिसकर्मी लक्ष्मण टंडन ने उसके पति के केस का चालान कोर्ट में पेश करने के नाम पर 30,000 रुपये की मांग की। महिला ने बताया कि एएसआई मामले में प्रार्थी पक्ष के साथ मिलीभगत कर रहे हैं और पैसे की मांग पूरी न होने तक चालान कोर्ट में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।                             एसपी से की लिखित शिकायत                            वहीं महिला आज राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक कार्यालय शिकायत करने पहुंची। इस दौरान उसने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा से मिलकर एसपी के नाम ज्ञापन सौंपा और मामले की लिखित शिकायत कर जांच की मांग की।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा ने बताया कि महिला की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कराई जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

RO. NO 0002
RO. NO 13843/ 27

Add Comment


Add Comment

RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg
RO. NO 0002
676140620261012371007869232.jpg
RO. NO 13843/ 27
287060520260449541007062156.jpg
RO. NO 13843/ 27
921060520260450131007062156.jpg





Get Newspresso, our morning newsletter