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गोल्ड की बढ़ती कीमतों से भारतीय बाज़ार में हलचल, फिर भी निवेशकों की चमक बरकरार
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 16 अक्टूबर 2025,  09:22 PM IST
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ज्वाला एक्सप्रेस न्यूज विज्ञापन और समाचार के लिए 9993590905 गोल्ड की बढ़ती चमक: निवेशकों का भरोसा कायम, व्यापार घाटे पर बढ़ा दबाव सोने की कीमतों में 62% की उछाल के बावजूद भारतीय बाज़ार में मांग बरकरार है। मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय परिवारों के पास 34,600 टन सोना है — जिसकी वैल्यू भारत की जीडीपी का लगभग 88.8% है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की यह रफ्तार जहां निवेशकों के लिए फायदेमंद है, वहीं आयात और व्यापार संतुलन के लिए चुनौतीपूर्ण बनती जा रही है।

गोल्ड की बढ़ती कीमतों से भारतीय बाज़ार में हलचल, फिर भी निवेशकों की चमक बरकरार

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोने की कीमतों में लगातार उछाल ने भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार जगत में नई हलचल मचा दी है। इस साल की शुरुआत से अब तक सोना करीब 62% तक महंगा हो चुका है। इसके बावजूद भारतीय निवेशकों और परिवारों की सोने के प्रति दीवानगी कम नहीं हुई है।

मॉर्गन स्टेनली की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय परिवारों के पास करीब 34,600 टन सोना मौजूद है, जिसकी कुल कीमत लगभग 3.8 ट्रिलियन डॉलर आंकी गई है। यह भारत की जीडीपी का लगभग 88.8% हिस्सा है।

सोने की लगातार बढ़ती कीमतें जहां आयात बिल बढ़ाकर व्यापार संतुलन पर दबाव डाल रही हैं, वहीं यह निवेश और ज्वेलरी कारोबार के लिए अब भी सबसे भरोसेमंद विकल्प बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते दामों के बावजूद त्योहार और शादी सीज़न में सोने की मांग में गिरावट के बजाय स्थिरता बनी हुई है।

आर्थिक जानकारों के मुताबिक, सोने की यह बढ़ती कीमतें भारत जैसे देश के लिए द्वि-धारी तलवार साबित हो रही हैं — एक ओर यह घरेलू निवेश को सुरक्षित बना रही है, तो दूसरी ओर व्यापार घाटे और महंगाई को बढ़ा रही है

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