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राज्य शासन ने किया ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता समाप्त, अब ऑनलाइन डेटा से होगा सत्यापन
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 17 अक्टूबर 2025,  02:04 PM IST
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राज्य शासन ने किया ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता समाप्त, अब ऑनलाइन डेटा से होगा सत्यापन अब किसानों को नहीं बनवानी होगी ऋण पुस्तिका, पंजीयन में मिलेगी बड़ी राहत

अब किसानों को नहीं बनवानी होगी ऋण पुस्तिका, पंजीयन में मिलेगी बड़ी राहत

राज्य शासन ने किया ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता समाप्त, अब ऑनलाइन डेटा से होगा सत्यापन

।ज्वाला एक्सप्रेस न्यूज 9993590905।

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने किसानों के लिए बड़ी राहत का निर्णय लिया है। अब भूमि के पंजीयन (रजिस्ट्री) के समय ऋण पुस्तिका प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं होगा। इसके लिए महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, छत्तीसगढ़ नवा रायपुर की ओर से सभी जिला पंजीयकों को आदेश जारी किया गया है।

 

जारी निर्देश में कहा गया है कि अब पंजीयन अधिकारी भूमि स्वामित्व, फसल विवरण एवं अन्य आवश्यक तथ्यों की पुष्टि भुईयां पोर्टल के ऑनलाइन डाटा से करेंगे। राज्य में वर्ष 2017 से दस्तावेजों का ऑनलाइन पंजीयन प्रारंभ किया गया है और राजस्व अभिलेख भी अब पूर्णतः ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

 

पूर्व में किसानों को ऋण पुस्तिका बनवाने में काफी समय लगता था, जिससे खरीदी-बिक्री के बाद नई ऋण पुस्तिका प्राप्त करने में देरी होती थी और पक्षकारों को परेशानी झेलनी पड़ती थी। शासन ने माना कि अब ऑनलाइन व्यवस्था में ऋण पुस्तिका का कोई विशेष महत्व नहीं रह गया है।

अब पंजीयन के समय भुईयां सॉफ्टवेयर से भूमि की जानकारी, स्वामित्व और बंधक प्रविष्टि की ऑनलाइन जांच की जाएगी। इससे न केवल किसानों को कागजी झंझटों से राहत मिलेगी बल्कि पंजीयन प्रक्रिया भी पूरी तरह पेपरलेस और पारदर्शी हो जाएगी।

जनता को मिलने वाली राहत:

किसानों को अब ऋण पुस्तिका बनवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

जमीन खरीदी-बिक्री के बाद नई ऋण पुस्तिका के इंतजार से मुक्ति।

ऑनलाइन सत्यापन से पंजीयन की प्रक्रिया तेज और सरल होगी।

भ्रष्टाचार और देरी की संभावना कम होगी।

शासन की ई-गवर्नेंस व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी।

यह निर्णय प्रदेश के किसानों और भूमि खरीदारों के लिए एक बड़ी प्रशासनिक राहत के रूप में देखा जा रहा है।

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