• +91 99935 90905
  • amulybharat.in@gmail.com
बलौदा बाजार और भी
गौ माता की शोभा बनी ‘माला सुहाई’, गाय सजावट प्रतियोगिताएं भी होंगी आयोजित
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 22 अक्टूबर 2025,  10:01 AM IST
  • 1521
गौ माता की शोभा बनी ‘माला सुहाई’, गाय सजावट प्रतियोगिताएं भी होंगी आयोजित

बलौदाबाजार। भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। इस परंपरा को जीवंत रखने के लिए आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में गायों को सजाने की परंपरा बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाई जाती है। इसी कड़ी में इन दिनों गायों को पहनाई जाने वाली माला सुहाई विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

दीपावली, गोवर्धन पूजा और गौ पूजन जैसे धार्मिक अवसरों पर ग्रामीण यादव परिवार श्रद्धा से गायों के लिए रंग-बिरंगी माला सुहाई तैयार करती हैं। यह माला विशेष रूप से मोरपंख, मोतियों, झुनझुनों, रेशमी धागों और रंगीन कपड़ों से सजाई जाती है। गायों की गर्दन और सींगों पर जब यह माला पहनाई जाती है, तो उनका रूप निखर उठता है।

गाय को सजाकर पूजन करने से घर में आती है सुख-समृद्धि

माला सुहाई केवल सजावट का साधन नहीं, बल्कि गौ माता के प्रति सम्मान और भक्ति का प्रतीक मानी जाती है। मान्यता है कि, गाय को सजाकर पूजन करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और परिवार में सौभाग्य का वास होता है। कई जगहों पर इस अवसर पर गाय सजावट प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं, जिनमें ग्रामीण उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं।


Add Comment


Add Comment






ताज़ा समाचार और भी
Get Newspresso, our morning newsletter