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वंदे मातरम का इतनी बड़ी संख्या में सामूहिक वाचन सौभाग्य का पल रामविचार नेताम
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 7 नवम्बर 2025,  10:28 PM IST
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वंदे मातरम का इतनी बड़ी संख्या में सामूहिक वाचन सौभाग्य का पल - रामविचार नेताम

दुर्ग। वंदे मातरम गीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर दुर्ग शहर के पुराना बस स्टैंड में हजारों की संख्या में आमजन एवं भाजपा कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का सामूहिक वाचन किया। इस अवसर को सभी ने सौभाग्य और गर्व का क्षण बताया।
कार्यक्रम का आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के तहत किया गया, जिसके अनुसार वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर राष्ट्रव्यापी उत्सव मनाया जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के कृषि मंत्री रामविचार नेताम उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि रंजना साहू, प्रदेश सह-संयोजक एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष थीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद विजय बघेल, जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, भिलाई जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन, विधायक डोमनलाल कौर्सेवाडा, अजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष ईश्वर साहू, साजा विधायक राकेश पांडेय, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड अध्यक्ष राकेश पांडेय, पूर्व मंत्री रमशीला साहू, जागेश्वर साहू, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य उषा टावरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष चंद्रिका चंद्राकर, सभापति श्याम शर्मा एवं अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि “भारत माता हमारे लिए प्राणप्रिय है। जब देश के वीरों ने वंदे मातरम गाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी, तो यह गीत केवल स्वर नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा बन गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर आज यह राष्ट्रीय गौरव का क्षण है।”
उन्होंने आगे कहा कि “वंदे मातरम गीत ने स्वतंत्रता संग्राम के समय देश की एकता को जोड़ा। इस गीत को गाकर हमारे क्रांतिकारियों ने हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूमा। आज उसी भावना से हमें अपने देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का संकल्प लेना होगा।”

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कार्यक्रम की सहसंयोजक रंजना साहू ने कहा कि वंदे मातरम गीत का रचना वर्ष 1875 में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा किया गया था और इसका पहला सार्वजनिक वाचन 1896 में रवींद्रनाथ टैगोर ने किया था। उन्होंने कहा कि यह गीत भारत के स्वदेशी आंदोलन और स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा का केंद्र रहा है।
भाजपा प्रदेश मंत्री जितेंद्र वर्मा ने कहा कि “वंदे मातरम सिर्फ गीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता की आत्मा है।” उन्होंने वंदे मातरम के ऐतिहासिक महत्व को बताते हुए कहा कि यह गीत भारत की राष्ट्रीय पहचान का स्थायी प्रतीक बन चुका है। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री दिलीप साहू ने किया तथा आभार जिला महामंत्री विनोद अरोड़ा ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर शिवेंद्र परिहार, हर्षा चंद्राकर, सरिता मिश्रा, अशोक राठी, राजीव पांडेय, गायत्री वर्मा, गिरेश साहू, हिमा साहू, शैलेंद्र शैंडे, शैलेंद्री मांडवी, ओमप्रकाश सेन, ध्रुव सचदेव, सैयद आसिफ अली, राहुल पंडित, दिनेश देवांगन, राजा महोबिया, रजनीश श्रीवास्तव, जितेंद्र सिंह राजपूत सहित मंडल अध्यक्षगण, पार्षद, विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता तथा आमजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर वंदे मातरम के सामूहिक गायन के साथ सभी ने स्वदेशी अपनाने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प लिया।

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