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संघर्ष से चमकी किस्मत: CM मोहन यादव ने किया क्रांति सिंह गौड़ का सम्मान, मां ने गहने बेचकर जिंदा रखा था सपना
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 7 नवम्बर 2025,  11:04 PM IST
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संघर्ष से चमकी किस्मत: CM मोहन यादव ने किया क्रांति सिंह गौड़ का सम्मान, मां ने गहने बेचकर जिंदा रखा था सपना

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य क्रांति सिंह गौड़ का सीएम हाउस में सम्मान किया। सीएम ने क्रांति को गुलदस्ता भेंट किया और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उनके माता-पिता और कोच को भी मंच पर बुलाया गया।

सम्मान समारोह के बाद क्रांति अपने गृह जिले छतरपुर के लिए रवाना होंगी, जहां उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। कृष्णा यूनिवर्सिटी में छात्र-छात्राएं और खेल प्रेमी उनका अभिनंदन करेंगे। इसके बाद वे गुलगंज स्थित चौपरिया सरकार मंदिर में दर्शन करेंगी और शाम करीब 4:30 बजे अपने गांव घुवारा पहुंचेंगी, जहां तुलादान और स्वागत जुलूस निकाला जाएगा।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

क्रांति सिंह गौड़ की कहानी हौसले और मेहनत की मिसाल है। उन्होंने कक्षा 8वीं तक पढ़ाई की और बचपन से ही क्रिकेट खेलने का जुनून था। गांव के लड़कों के साथ मैच खेलने वाली क्रांति ने बाद में सागर की एकेडमी में कोचिंग ली और वहीं से उनके क्रिकेट करियर की शुरुआत हुई उनका परिवार छतरपुर के घुवारा में दो कमरे के सरकारी पुलिस क्वार्टर में रहता है। पिता मुन्ना सिंह, जो पुलिस विभाग में हेड कॉन्स्टेबल थे, वर्ष 2011 से सस्पेंड हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी न जमीन, न मकान है।

मां ने बेचे गहने, भाई ने संभाला घर

क्रांति ने एक इंटरव्यू में बताया था कि कई बार घर में खाने तक के पैसे नहीं होते थे। बड़े भाई मयंक ने दिल्ली में कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करके घर संभाला और क्रांति की क्रिकेट किट और खर्चों की व्यवस्था की। मां नीलम सिंह ने बेटी का सपना जिंदा रखने के लिए अपने गहने तक बेच दिए। आज वही क्रांति, जिसने मिट्टी के मैदान पर लड़कों के साथ खेलना शुरू किया था, विश्व कप जीतकर भारत का नाम रोशन कर चुकी हैं।

गर्व की बात

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “क्रांति ने न सिर्फ मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश का नाम गौरवान्वित किया है। उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।”

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