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भोपाल में शुरू हुआ स्वदेशी मेला: स्वदेशी अपनाओ का दिया संदेश, जानिए क्या है खासियत
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 7 नवम्बर 2025,  11:08 PM IST
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भोपाल में शुरू हुआ स्वदेशी मेला: स्वदेशी अपनाओ का दिया संदेश, जानिए क्या है खासियत

भोपाल। राजधानी के एमवीएम कॉलेज ग्राउंड में गुरुवार शाम स्वदेशी जागरण मंच द्वारा आयोजित स्वदेशी मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। स्वर्णिम भारत फाउंडेशन के तहत शुरू हुआ यह मेला 10 दिन तक चलेगा। गणेश वंदना से प्रारंभ हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्यभारत प्रांत संघचालक अशोक पांडेय शामिल हुए, वहीं विधायक हुजूर रामेश्वर शर्मा, प्रांत संयोजक श्रीकांत बुबौलिया, अखिल भारतीय सह-समन्वयक जितेंद्र गुप्त, क्षेत्र संयोजक सुधीर दाते, और दौलत राम इंडस्ट्रीज के सीपी शर्मा भी मंच पर उपस्थित रहे।

‘स्व’ का भाव ही असली शक्ति है – अशोक पांडेय

अशोक पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि ‘स्व’ का भाव बहुत गहरा है- स्वदेश, स्वतंत्रता और स्वावलंबन सब इसी से जुड़ा है। उन्होंने कहा, “अगर हम स्वदेशी वस्तुओं को सिर्फ व्यापार की नजर से देखेंगे तो अपनापन का भाव नहीं आ पाएगा। स्वदेशी का मतलब अपनेपन से है- अपनी संस्कृति, अपने महापुरुषों और अपनी परंपराओं पर गर्व करने से है।”

उन्होंने इजराइल, जर्मनी और जापान जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि जिन्होंने अपनी संस्कृति और उत्पादों को सर्वोच्च माना, वे देश आज तरक्की की ऊंचाइयों पर हैं।

‘हमारा जो अपना है, उसी पर गर्व करें’

पांडेय ने आगे कहा, “विदेशी वस्तुओं से न केवल हमारा धन बाहर जाता है, बल्कि हमारी मानसिक गुलामी भी बढ़ती है। हो सकता है स्वदेशी वस्तु थोड़ी महंगी या साधारण हो, लेकिन वह हमारी अपनी है- जैसे हमारी मां भले विश्वसुंदरी न हो, फिर भी वह सबसे सुंदर है।”

उन्होंने कहा कि अगर यही भाव हम हर कार्य में लाएंगे तो देश आत्मनिर्भर बनेगा। साथ ही उन्होंने समाज को चेताया कि आज परिवार टूट रहे हैं, संस्कार खत्म हो रहे हैं - इसलिए कुटुंब, संस्कृति और पर्यावरण की रक्षा बेहद जरूरी है।

मनोरंजन और संस्कृति का संगम बनेगा मेला

मेला संयोजक सतीश विश्वकर्मा और सह संयोजक सीमा भारद्वाज ने बताया कि मेला प्रतिदिन सायं 5 बजे से रात तक खुलेगा। इसमें बच्चों, युवाओं और महिलाओं के लिए कई मनोरंजक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मेले में आगंतुकों को स्थानीय स्टार्टअप्स, हस्तशिल्प, गृह उद्योगों और स्वदेशी उत्पादों की झलक देखने को मिलेगी।


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