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40 साल पुराने बांधों के गेट,फुट ओवरब्रिज अपग्रेड होंगे:केरवा डैम की घटना के बाद लिया फैसला, तीन कैटेगरी में बनेगी बांधों की जांच रिपोर्ट
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 12 नवम्बर 2025,  11:07 PM IST
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40 साल पुराने बांधों के गेट,फुट ओवरब्रिज अपग्रेड होंगे:केरवा डैम की घटना के बाद लिया फैसला, तीन कैटेगरी में बनेगी बांधों की जांच रिपोर्ट

भोपाल के केरवा डैम के फुट ओवर ब्रिज का एक हिस्सा गिरने की घटना के बाद एमपी के सभी बांधों के गेट और फुट ओवर ब्रिज की जांच कराई जाएगी। एमपी के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने विभागीय अधिकारियों के साथ केरवा डैम का निरीक्षण करने के बाद इसके निर्देश दिए हैं।

मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा-

मैंने केरवा डैम पर अवलोकन करने के बाद वहीं पर ईएनसी और सारे वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की है। मैंने निर्देशित किया है कि इस तरह की पुनरावृत्ति पूरे मध्य प्रदेश में कहीं न हो।

40 साल पुराने बांधों के गेट और फुट ओवर ब्रिज अपग्रेड होंगे मंत्री तुलसी सिलावट ने भास्कर को बताया कि केरवा डैम की तरह प्रदेश में कहीं कोई घटना न हो, इसके लिए मैंने विभागीय अधिकारियों को ये निर्देश दिए हैं कि वे सभी बांधों का फिजिकल निरीक्षण करके जांच रिपोर्ट बनाएं। मंत्री ने कहा- हमने ये निर्णय किया है कि 40 साल पुराने जो बांध हैं उनके गेट और फुट ओवर ब्रिज हैं उन्हें अपग्रेड किया जाएगा।

5 करोड़ से 5 महीने में अपग्रेड होगा केरवा का फुटओवर ब्रिज मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा- केरवा डैम का ये फुट ब्रिज 1975 में बनना शुरू हुआ था 1980 में ये बनकर तैयार हुआ था। केरवा बांध के बाएं तरफ बना फुट ब्रिज 50 साल पुराना है। सुधार कार्य के लिए एक हफ्ते में डीपीआर बनाकर तैयार होगी। सभी स्लैब 5 महीने में बनाकर तैयार करेंगे। इसे बनाने में लगभग 5 करोड़ रुपए खर्च आएगा। हमने एक और निर्णय लिया जो केरवा डैम पर आठ गेट लगे हैं वो 40 साल पुराने हैं हम उन्हें भी बदल रहे हैं।

मंत्री ने केरवा डैम का किया निरीक्षण मंत्री तुलसी सिलावट ने बताया- मैंने स्वयं डैम का अवलोकन किया। उसकी पूरी जांच भी कराऊंगा जो बिन्दु जांच में सामने आएंगे उसकी समीक्षा करके कार्रवाई कराऊंगा। केरवा डैम पर चार स्लैब थीं ऑटोमेटिक टिलटैंक गेट लगे थे। ये बांध सरैया जी की कल्पना थी। उस समय के गेट लगे हुए हैं। निरीक्षण के उपरांत विभागीय अधिकारियों को हमने विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।

तीन कैटेगरी में होगी बांधों की जांच जल संसाधन मंत्री ने बताया कि मैंने सारे अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। मप्र के दस बेसिन में कहीं भी ऐसी पुनरावृत्ति न हो। मैंने कहा है कि अधिकारी फिजिकल जांच करें और फुट ब्रिज की जांच कर रिपोर्ट बनाएं। जांच में तीन कैटेगरी ए-बी-सी बनाएं। ए कैटेगरी में उनको पहले अपग्रेड करेंगे। जो 25 साल पुराने गेट और फुट ब्रिज हैं उनको अपग्रेड किया जाएगा। कहीं भी इस प्रकार की कोई घटना न हो इसके लिए जांच के निर्देश दिए हैं।

एमपी में 40 साल पुराने बांध

  • गांधी सागर डैम: मंदसौर जिले में इस बांध का निर्माण 1960 में पूरा हो गया था।
  • भदभदा डैम: भोपाल में इस बांध का निर्माण 1965 में हुआ था।
  • तवा डैम: नर्मदापुरम जिले में बने इस बांध का निर्माण 1978 में हुआ था।
  • बारना डैम: रायसेन जिले में बने इस बांध का काम 1978 में हुआ था।

एमपी में 25 साल पुराने बांध

  • बरगी बांध: जबलपुर जिले में बने इस बांध का काम 1988 में पूरा हुआ था।
  • संजय सरोवर: सिवनी जिले में बने इस बांध का निर्माण 1988 में पूरा हुआ था।

25 साल से कम आयु वाले बांध

  • इंदिरा सागर बांध: खंडवा जिले में बने इस बांध का निर्माण 2005 में हुआ था।
  • बांणसागर बांध: शहडोल जिले में इस बांध का निर्माण 2006 में पूरा हुआ था।
  • ओंकारेश्वर डैम: इस बांध का निर्माण खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में 2007 में पूरा हुआ था।
  • मणिखेड़ा बांध: शिवपुरी जिले में इस बांध का निर्माण कार्य 2008 में पूरा हुआ था।

इसलिए हुआ फैसला दरअसल मंगलवार को भोपाल के केरवा डैम पर बने फुट ओवर ब्रिज का एक हिस्सा अचानक गिर गया था। गनीमत रही कि इस ब्रिज पर आवागमन बंद था इसलिए कोई जनहानि नहीं हुई। जर्जर हो चुके फुट ओवर ब्रिज के गिरने की घटना के बाद जल संसाधन मंत्री ने प्रदेश भर के बांधों की जांच के निर्देश दिए हैं।

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