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मिसेज इंडिया एशिया 2025 की फर्स्ट रनर-अप भोपाल लौटी:25 हजार प्रतिभागियों में चमकी डॉ. श्वेता मिश्रा, कहा- MP को वेलनेस कैपिटल बनाना है
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 14 नवम्बर 2025,  08:17 PM IST
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मिसेज इंडिया एशिया 2025 की फर्स्ट रनर-अप भोपाल लौटी:25 हजार प्रतिभागियों में चमकी डॉ. श्वेता मिश्रा, कहा- MP को वेलनेस कैपिटल बनाना है

मिसेज इंडिया एशिया 2025 की फर्स्ट रनर-अप बनीं डॉ. श्वेता मिश्रा अपने गृह नगर भोपाल लौटीं। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर लौटीं डॉ. श्वेता ने प्रेसवार्ता में अपने सफर, चुनौतियों और आगे की योजनाओं को साझा किया।

डॉ. श्वेता ने कहा कि यह प्रतियोगिता उनके लिए सिर्फ एक ब्यूटी पेजेंट नहीं, बल्कि आत्म-अनुशासन और आत्म-खोज की यात्रा थी।उन्होंने कहा कि “मंच पर दिखने वाली एक मुस्कान के पीछे महीनों की तैयारी, कड़ी मेहनत और मानसिक मजबूती थी। मैंने फिटनेस, योग, माइंडफुल नेस और कम्युनिकेशन हर क्षेत्र में खुद को नए सिरे से तैयार किया। असली जीत वही है, जो आत्मविश्वास और संतुलन से दिखाई दे।

डॉ. श्वेता मिश्रा ने भोपाल में की पत्रकार वार्ता।

डॉ. श्वेता मिश्रा ने भोपाल में की पत्रकार वार्ता।

75 फाइनलिस्ट, 25 हजार एंट्री श्वेता ने बताया कि ऑडिशन में देश-विदेश की 25 हजार एंट्रीज में से सिर्फ 75 महिलाओं को सेलेक्ट किया गया। ये प्रतिभागी एशिया के कई देशों दुबई, हॉन्गकॉन्ग, बैंकॉक से आई थीं, हालांकि अधिकांश भारत से थीं। श्वेता ने बताया दिल्ली में ग्रुमिंग, फिटनेस, क्वेश्चन-आंसर, कैटवॉक, सेमी फिनाले और ग्रैंड फिनाले की लगातार गतिविधियां चलीं।

डॉ. श्वेता बताती हैं “सुबह 4 बजे से प्रैक्टिस होती थी। कई घंटे कैटवॉक, कम्युनिकेशन, पॉश्चर और चेहरे की स्थायी स्माइल की ट्रेनिंग आदि बेहद टफ था। जितना टीवी पर दिखता है, असल में उससे कहीं ज्यादा कठिन। बता दें कि यह आयोजन सितंबर माह में हुआ था।

वेलनेस कैपिटल बनाने का सपना

डॉ. श्वेता ने बताया कि वे पर्यटन विभाग और आयुष विभाग के साथ मिलकर“योग व नेचर-आधारित वेलनेस सर्किट्स” विकसित करने पर काम कर रही हैं। उनका कहना है कि “मध्य प्रदेश में प्रकृति, अध्यात्म, संस्कृति और शांति का अनोखा मेल है।

यहां वेलनेस लाइफस्टाइल को बढ़ावा मिले, तो यह प्रदेश देश की वेलनेस कैपिटल बन सकता है। इससे स्वास्थ्य के साथ स्थानीय रोज़गार भी बढ़ेगा।”


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