जशपुर।
छत्तीसगढ़ के जशपुर ज़िले में 10वीं कक्षा की आदिवासी छात्रा से दुष्कर्म करने वाला आरोपी शिक्षक गिरधारी यादव आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। घटना के बाद से आरोपी लगातार फरार था, लेकिन जशपुर पुलिस की लगातार निगरानी और टेक्निकल टीम की मदद से उसे उसके घर के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
पीड़िता घर का काम करती थी, स्कूल में पढ़ती थी
जानकारी के मुताबिक 10वीं कक्षा की यह छात्रा आरोपी शिक्षक के घर काम करती थी और साथ ही जशपुर के एक सरकारी स्कूल में पढ़ती थी।
वह जुलाई 2024 से आरोपी के घर रह रही थी। इसी दौरान शिक्षक ने कई बार उसके साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म किया।
मौका पाकर छात्रा वहां से भागी और CWC को शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
लोकेशन ट्रेस कर आरोपी को पकड़ा गया
जशपुर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया—
“आरोपी गिरधारी यादव घटना के बाद से फरार था। हमारी टीम लगातार उसकी लोकेशन ट्रैक कर रही थी। जानकारी मिली कि वह अपने घर पहुंचा है और कपड़े व पैसे लेकर भागने की तैयारी में है। इसी दौरान दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया गया।”
आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत अपराध दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
FIR में देरी पर थाना प्रभारी सस्पेंड
इस मामले में एक और महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है।
एफआईआर दर्ज करने में देरी के आरोप में सिटी कोतवाली थाना प्रभारी आशीष तिवारी को एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
सस्पेंशन आदेश में कहा गया—
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पीड़िता की शिकायत पर समय रहते FIR दर्ज नहीं की गई
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देरी के कारण आरोपी को भागने का मौका मिल गया
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इसे गंभीर कर्तव्य लापरवाही माना गया
पीड़िता ने बताई पूरी घटना
पीड़िता छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही थी।
शिक्षक घरेलू काम करवाता था और बाद में उसकी नीयत बिगड़ गई।
छात्रा किसी तरह भागकर CWC पहुंची, जहां पूरा मामला उजागर हुआ।
पुलिस पर देरी के आरोप भी लगे
सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जानबूझकर FIR दर्ज करने में देरी की। मामला मीडिया में आने के बाद ही कार्रवाई हुई।
अब आरोपी जेल में है और FIR में देरी करने वाले अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई शुरू हो चुकी है।




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