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बकरी शेड निर्माण से महेत्तर लाल की आजीविका को मिला नया संबल
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 23 नवम्बर 2025,  08:19 AM IST
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बकरी शेड निर्माण से महेत्तर लाल की आजीविका को मिला नया संबल

मनरेगा योजना बनी ग्रामीण आत्मनिर्भरता का आधार

रायपुर/मेहनत को जब उचित अवसर मिलता है, तो सपने हकीकत में बदल जाते हैं। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम साजापाली के किसान श्री महेत्तर लाल बरेठ की जीवन यात्रा भी इसी प्रेरणादायक परिवर्तन की कहानी कहती है। मनरेगा योजना के तहत निर्मित बकरी शेड ने न सिर्फ उनकी आजीविका को सुरक्षित आधार दिया, बल्कि उनके आत्मविश्वास और भविष्य दोनों को नई दिशा प्रदान की है।

पहले बारिश और धूप में खुले में पशुओं की देखभाल करने वाले श्री महेत्तर लाल आज एक मजबूत और सुरक्षित बकरी शेड के स्वामी हैं, जिसने उनके पशुपालन कार्य को नई गति और स्थिरता प्रदान की है। यह निर्माण कार्य सिर्फ एक संरचना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की ओर बढ़ता हुआ एक सशक्त कदम है।

मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायत साजापाली में हितग्राही महेत्तर लाल के लिए आजीविका संवर्धन हेतु बकरी शेड निर्माण स्वीकृत किया गया। वित्तीय वर्ष 2023-24 में अनुमोदित इस कार्य की कुल राशि 0.88 लाख रुपये थी, जिसमें 0.11 लाख मजदूरी और 0.77 लाख सामग्री मद के रूप में स्वीकृत किए गए। जनवरी 2024 में शुरू हुए इस कार्य को नवंबर 2024 में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। इसके क्रियान्वयन से 42 मानव दिवस का सृजन हुआ, जिससे स्थानीय मजदूरों को भी रोजगार मिला।

ग्राम पंचायत साजापाली की जनसंख्या लगभग 940 है, जिसमें 567 परिवार जॉब कार्ड धारक हैं। यह पंचायत जनपद अकलतरा से लगभग 7 किलोमीटर दूरी पर स्थित है।

हितग्राही महेत्तर लाल बरेठ ने बताया कि शेड निर्माण से पहले पशुपालन में काफी कठिनाइयाँ थीं। बरसात और ठंड में बकरियों के लिए सुरक्षित आश्रय की कमी रहती थी, जिससे उत्पादन और आय दोनों प्रभावित होते थे। लेकिन अब पक्का शेड बन जाने से दूध और खाद उत्पादन में वृद्धि हुई है तथा उनकी आमदनी दोगुनी हो गई है।

उन्होंने कहा कि यह शेड उनके लिए स्थायी आजीविका का मजबूत साधन बन गया है और अन्य ग्रामीणों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में इस निर्माण कार्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राम पंचायत साजापाली की सक्रिय भागीदारी और प्रशासनिक सहयोग से यह कार्य समय पर पूर्ण हुआ, जो ग्रामीण विकास के उत्कृष्ट मॉडल के रूप में उभर रहा है। बकरी शेड निर्माण ने ग्रामीण परिवारों में आत्मनिर्भरता की नई रोशनी जलाई है और आजीविका सशक्तिकरण का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

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