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राम मंदिर हुआ संपूर्ण: मोदी ने शिखर पर फहराई धर्मध्वजा, भागवत-योगी मौजूद रहे; पीएम ने कहा- "सदियों की वेदना पर आज विराम लगा"
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 26 नवम्बर 2025,  07:41 PM IST
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अयोध्या में ऐतिहासिक क्षण पूरा हुआ। पीएम मोदी और मोहन भागवत ने राम मंदिर के 161 फीट शिखर पर धर्मध्वजा फहराई और पहली बार राम दरबार में पूजा की। पीएम मोदी रामलला के लिए विशेष वस्त्र और चंवर लेकर पहुंचे। दिव्य समारोह के करोड़ों भक्त साक्षी बने।

अयोध्या ने आज यानि मंगलवार, 25 नवंबर को अपने इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया। शुभ मुहूर्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और RSS प्रमुख मोहन भागवत ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य शिखर पर भव्य धर्मध्वज फहराया। जैसे ही केसरिया ध्वज आकाश में लहराया, पूरा परिसर “जय श्री राम” के उद्घोष से गूंज उठा। माहौल भक्तिभाव, रोमांच और राममयी ऊर्जा से भर गया।

ध्वजारोहण से पहले वैदिक मंत्रों के बीच विस्तृत पूजा-अर्चना, यज्ञ-हवन और धार्मिक अनुष्ठान किए गए। यज्ञकुंड से उठती सुगंध, शंख-नाद, नगाड़ों की ध्वनि और दीप-सज्जा ने इस ऐतिहासिक क्षण को और भी दिव्य बना दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस ध्वजारोहण को सनातन संस्कृति की निरंतरता, भारतीय आस्था की अटूट शक्ति और सांस्कृतिक स्वाभिमान का संदेश बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा-“यह ध्वज सदियों के सपने का साकार रूप है।”

 

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज अयोध्या न सिर्फ भारत बल्कि पूरे विश्व को राममय कर रही है। सदियों पुराने घाव भर रहे हैं और पांच सौ वर्षों से प्रज्वलित यज्ञ की पूर्णाहुति हो रही है। यह धर्मध्वज सूर्यवंश की परंपरा, रामराज्य के आदर्श और संतों की तपस्या का प्रतीक है।

मोहन भागवत बोले- “सपने से भी सुंदर मंदिर खड़ा हुआ है।”

RSS प्रमुख ने भावुक होते हुए कहा कि इस दिन के लिए अनगिनत रामभक्तों ने बलिदान दिया। उन्होंने बताया कि धर्मध्वज पर कोविदार वृक्ष का चिन्ह अंकित है, जो रघुकुल परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज का दिन संकल्प दोहराने का है-ऐसा भारत बनाना है जो विश्व को शांति का संदेश दे।


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