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गोवा में 77 फीट श्रीराम प्रतिमा अनावरण
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 28 नवम्बर 2025,  08:29 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा के श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगली जीवोत्थम मठ में 77 फुट ऊंची भगवान राम की विश्व की सबसे ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया। इससे पहले उन्होंने उडुपी में एक लाख भक्तों के साथ गीता पारायण में हिस्सा लिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गोवा और कर्नाटक के धार्मिक स्थलों की यात्रा कर आस्था और संस्कृति का संदेश दिया। सुबह सबसे पहले वे कर्नाटक के उडुपी पहुंचे, जहां उन्होंने विश्वप्रसिद्ध श्री कृष्ण मठ में दर्शन किए। यहां उन्होंने नवनिर्मित सुवर्ण तीर्थ मंडप का लोकार्पण किया और स्वयं सोने का कलश चढ़ाया। इसके बाद मठ परिसर में लगभग एक लाख श्रद्धालुओं के साथ सामूहिक रूप से श्रीमद्भगवत गीता का पाठ किया गया, जिसकी गूंज पूरे क्षेत्र में सुनाई दी।

उडुपी में अपने लगभग 25 मिनट के संबोधन में प्रधानमंत्री ने भगवद्गीता के सार को राष्ट्रीय सुरक्षा नीति से जोड़ा। उन्होंने कहा कि गीता हमें यही संदेश देती है कि शांति और सत्य की पुनर्स्थापना के लिए अत्याचार और आतंक का अंत अनिवार्य है। पहले की सरकारें आतंकी हमलों के बाद भी चुप रहती थीं और जवाबी कार्रवाई से बचती थीं, लेकिन आज का नया भारत घर में घुसकर आतंकवादियों को सबक सिखाता है। यह संदेश श्रद्धालुओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वीकार किया।

दोपहर बाद प्रधानमंत्री गोवा के दक्षिणी छोर कैनाकोना स्थित श्री संस्थान गोकर्ण जीवोत्तम मठ पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान श्रीराम की विश्व की सबसे ऊंची 77 फीट कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया। यह भव्य प्रतिमा भागीरथी नदी के तट पर स्थापित की गई है और इसे देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पूजा-अर्चना के बाद प्रधानमंत्री ने मठ के संतों और स्थानीय लोगों से मुलाकात भी की।

माना जा रहा है कि यह दुनिया में भगवान राम की सबसे ऊंची कांस्य प्रतिमा है। इस प्रतिमा को प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार ने तैयार किया है, जिन्होंने गुजरात में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भी डिजाइन की थी।

कार्यक्रम के दौरान मठ परिसर में 27 नवंबर से 7 दिसंबर तक चलने वाले धार्मिक आयोजनों की शुरुआत भी हुई। अनुमान है कि प्रतिदिन 7,000 से 10,000 श्रद्धालुओं की उपस्थिति रहेगी। यह मठ दक्षिण गोवा जिले के पर्तगल गांव में स्थित है और लगभग 370 वर्ष पूर्व स्थापित किया गया था।


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