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ऐतिहासिक घटनाओं, उपलब्धियों, पर्यटन, खेल, संस्कृति, परंपरा और नागरिकों के श्रेष्ठ कार्यों को सामने लाने वाला मंच है मन की बात कार्यक्रम- राजेन्द्र पाध्ये
  • Written by - amulybharat.in
  • Last Updated: 30 नवम्बर 2025,  01:30 PM IST
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ऐतिहासिक घटनाओं, उपलब्धियों, पर्यटन, खेल, संस्कृति, परंपरा और नागरिकों के श्रेष्ठ कार्यों को सामने लाने वाला मंच है मन की बात कार्यक्रम- राजेन्द्र पाध्ये

मन की बात के बाद एसआईआर पर भी हुई चर्चा दुर्ग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम मन की बात के 128 वें संस्करण को सुनने के लिए दुर्ग शहर के सिविल लाइन वार्ड क्रमांक 48 अंतर्गत बूथ क्रमांक 183 में कार्यकर्ता और नागरिकगण एकत्र हुए। इस दौरान जिला भाजपा पूर्व उपाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार पाध्ये और पार्षद श्रीमती लोकेश्वरी ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। श्री पाध्ये ने मन की बात कार्यक्रम के समापन पश्चात निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे एसआईआर अभियान की समीक्षा भी की।

राजेन्द्र कुमार पाध्ये ने कहा कि देश की ऐतिहासिक घटनाओं, उपलब्धियों, पर्यटन, खेल, संस्कृति, परंपरा, श्रेष्ठ कार्यों को सामने लाने वाला सबसे बड़ा मंच है मन की बात। नवाचार के माध्यम से नए-नए आइडिया के साथ काम करने वाले लोग जो समाज और देश के लिए प्रेरक हैं, उनके कामों को पूरा देश जाने, समझे और उनसे प्रेरणा ले इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ऐसे लोगों की उपलब्धियां का उल्लेख किया जाता है। हुनरमंद लोगों का हुनर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम मन की बात के माध्यम से देश के कोने-कोने के लोगों तक पहुंच रहा है।

मन की बात के 128 वें संस्करण पर प्रकाश डालते हुए राजेन्द्र कुमार पाध्ये ने कहा कि इसरो की प्रतियोगिता में पुणे के युवाओं द्वारा मंगल ग्रह की परिस्थितियों के अनुकूल ड्रोन बनाने का प्रयास यह दर्शाता है कि मन में लगन और सामूहिक शक्ति के साथ टीम की तरह काम करने का विश्वास बार-बार मिलती असफलता के बाद भी उठकर खड़ा होने का बल देता है। देश का शहद उत्पादन 11 सालों में 76000 मेट्रिक टन से बढ़कर डेढ़ लाख मैट्रिक टन यानी लगभग दुगना हो गया है, मिठास बढ़ने के साथ किसानों की समृद्धि भी बढ़ रही है।

प्राकृतिक खेती भारत की प्राचीन परंपराओं का हिस्सा रही है, धरती माँ की रक्षा के लिए इसे निरंतर बढ़ावा मिलना जरूरी है जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उच्च शिक्षित युवाओं का प्राकृतिक खेती किए जाने का उदाहरण सबके लिए प्रेरणास्पद रहा। पिछले हफ्ते भारतीय नौसेना में स्वदेशी डिज़ाइन वाले आईएनएस ‘माहे’ को शामिल किया जाना लोकल फ़ॉर वोकल को और 2 दिसंबर से आयोजित काशी तमिल संगमम एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना को साकार करता है। इस दौरान दीपक, आयुष, पीयूष, रामेश्वर, अंश, शिवम, मूलचंद, पुष्पेन्द्र, चंचला मंडावी, सुशीला, पूनम, संतोषी, रमौतीन एवं मोहल्ले वासी उपस्थित रहे।

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